पुलिस को ठेंगा दिखाकर कोर्ट पहुंचा मुख्य आरोपी ऋषभ ठाकुर,हंसते हुए किया सरेंडर, वीडियो वायरल,राजेंद्र नगर कैफे कांड में खाकी की कार्रवाई पर उठे सवाल

बरेली के चर्चित राजेंद्र नगर कैफे कांड में आखिरकार मुख्य आरोपी ऋषभ ठाकुर ने शनिवार को जनपद न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि जिस आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार दबिश देने और तलाश करने के दावे कर रही थी, वही आरोपी बिना किसी डर के सीधे कोर्ट पहुंच गया। सरेंडर के समय का उसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह हंसता-बोलता और अपने साथियों से बातचीत करता नजर आ रहा है। आरोपी के चेहरे पर न तो गिरफ्तारी का डर दिखा और न ही कानून का खौफ, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

ऋषभ ठाकुर पूर्व में बजरंग दल से जुड़ा रहा है और इसी पहचान के साथ उस पर कैफे में हंगामा और मारपीट करने का आरोप है। वीडियो सामने आने के बाद शहर में यह चर्चा तेज है कि अगर आरोपी इतना निश्चिंत था तो पुलिस की टीमें उसे पहले क्यों नहीं पकड़ पाईं।

नर्सिंग छात्रा के जन्मदिन पर मचा था बवाल

पूरा मामला 27 दिसंबर का है। राजेंद्र नगर स्थित ‘द डेन’ कैफे में एक नर्सिंग की छात्रा अपने दोस्तों के साथ जन्मदिन मना रही थी। पार्टी में कुछ युवक-युवतियां शामिल थे, जिनमें दो मुस्लिम युवक भी थे। इसी बात की जानकारी मिलने पर ऋषभ ठाकुर अपने साथियों के साथ कैफे पहुंचा और हंगामा शुरू कर दिया।

छात्रा का आरोप है कि आरोपियों ने उसके साथ बदतमीजी की, लव जिहाद जैसे झूठे आरोप लगाए और उसके दोस्तों को बेरहमी से पीटा। इस दौरान छात्रा लगातार रोती रही और अपने दोस्तों को छोड़ने की गुहार लगाती रही, लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी। कैफे में तोड़फोड़ भी की गई, जिससे वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए।

फरार रहते हुए भी सोशल मीडिया पर एक्टिव

घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया और पुलिस हरकत में आई। इस केस में अब तक छह आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है, लेकिन मुख्य आरोपी ऋषभ ठाकुर फरार चल रहा था। चौंकाने वाली बात यह रही कि फरार होने के बावजूद वह सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय था और खुले तौर पर पोस्ट डाल रहा था।

रेस्टोरेंट संचालक शैलेंद्र गंगवार की तहरीर पर मारपीट और तोड़फोड़ की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में यह भी साफ हो गया कि लव जिहाद या धर्म परिवर्तन जैसी कोई बात नहीं थी। सीओ सिटी आशुतोष शिवम ने बताया कि यह एक सामान्य बर्थडे पार्टी थी और शक के आधार पर कानून हाथ में लिया गया।

फिलहाल कोर्ट ने ऋषभ ठाकुर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब देखना होगा कि आगे की कानूनी कार्रवाई में पुलिस कितनी सख्ती दिखाती है और पीड़ितों को कब न्याय मिलता है।