बरेली में निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का मामला अब गंभीर रूप ले चुका है। जो विवाद पहले सरकारी दफ्तरों तक सीमित था, वह अब सड़क, समर्थकों और सियासत तक पहुंच गया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि उनका सरकारी आवास एक तरह से मिनी जेल में तब्दील कर दिया गया है। आवास के बाहर भारी पुलिस बल और एक कंपनी पीएसी तैनात है। बिना अनुमति किसी को अंदर जाने नहीं दिया जा रहा और खुद अलंकार अग्निहोत्री को भी बाहर निकलने से रोका जा रहा है।
मंगलवार शाम होते-होते एडीएम कंपाउंड पूरी तरह पुलिस छावनी में बदल गया। मुख्य गेट पर पीएसी के जवान तैनात हैं और हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जा रही है। पूरे इलाके में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि यह सब एहतियात के तौर पर किया गया है, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे अलंकार अग्निहोत्री कलेक्ट्रेट पहुंचे। वह जिलाधिकारी अविनाश सिंह से मिलना चाहते थे, लेकिन कलेक्ट्रेट का गेट बंद मिला। इसके बाद वह अपने समर्थकों के साथ गेट के बाहर ही जमीन पर बैठ गए और धरना शुरू कर दिया। करीब एक घंटे तक वह वहीं बैठे रहे। बाद में उन्हें कलेक्ट्रेट सभागार में जाने की अनुमति दी गई।
करीब 12 बजे वह डीएम चेंबर के बाहर पहुंचे। वहां समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। करीब आधे घंटे तक प्रदर्शन चलता रहा, लेकिन डीएम से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। इससे नाराज होकर अलंकार अग्निहोत्री दोपहर करीब डेढ़ बजे अपने सरकारी आवास लौट गए।
दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे वह एक बार फिर समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस बार भी डीएम मौजूद नहीं थे। इस पर डीएम चेंबर के बाहर जमकर नारे लगे। अलंकार अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ साजिश के तहत कार्रवाई की गई है और उन पर दबाव बनाने के लिए उन्हें निलंबित किया गया।
सरकारी आवास पर सख्ती, समर्थकों का हंगामा
शाम होते-होते प्रशासन ने सख्ती और बढ़ा दी। एडीएम कंपाउंड के बाहर भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दी गई। मुख्य गेट बंद कर दिया गया। अंदर अलंकार अग्निहोत्री अपने सरकारी आवास में हैं और बाहर उनके समर्थक लगातार नारेबाजी कर रहे हैं। तानाशाही नहीं चलेगी” और अलंकार अग्निहोत्री जिंदाबाद जैसे नारे लगाए जा रहे हैं।
अलंकार अग्निहोत्री का कहना है कि उन्हें जबरन हाउस अरेस्ट किया गया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें कहीं आने-जाने नहीं दिया जा रहा। उन्हें यह सूचना भी मिली है कि रात में उन्हें किसी दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सकता है, इसलिए उन्होंने इसकी जानकारी न्यायिक अधिकारियों को दी है।
आंदोलन की तैयारी, हालात संवेदनशील
अलंकार अग्निहोत्री के समर्थन में दामोदर स्वरूप पार्क में सवर्ण समाज और हिंदू संगठनों का जमावड़ा शुरू हो गया है। वहां टेंट लगाकर समर्थक नारेबाजी और धरना दे रहे है। संगठन नेताओं का कहना है कि यह लड़ाई सड़क से लेकर अदालत तक लड़ी जाएगी।
अलंकार अग्निहोत्री ने साफ कहा है कि वह अपने निलंबन के खिलाफ हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। सूत्रों के अनुसार बुधवार को बड़ा आंदोलन हो सकता है। फिलहाल बरेली में माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। हर तरफ पुलिस, नारेबाजी और गहमागहमी का माहौल है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि यह टकराव आगे क्या मोड़ लेता है।
