चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन टीएचडीसी टनल में अचानक पानी और मलबा भरने से बड़ा हादसा हो गया। हादसा मायापुर-पीपलकोटी इलाके में गुरुवार शाम हुआ। उस समय टनल के अंदर कई मजदूर काम कर रहे थे। अचानक तेज आवाज के साथ पानी और मलबा अंदर की तरफ आने लगा। मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और देखते ही देखते कई लोग पानी के तेज बहाव में फंस गए।हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। इसके बाद टनल के अंदर फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू शुरू किया गया। अब तक 20 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। हादसे में सात मजदूरों की मौत की जानकारी सामने आई है। घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती कराया गया है। वहीं कुछ मजदूरों की तलाश के लिए बचाव अभियान जारी है।
अचानक आई तेज आवाज, फिर पानी का सैलाब
हादसे में घायल मजदूरों ने अस्पताल में अपनी आपबीती बताई। उनके चेहरों पर हादसे का डर साफ दिखाई दे रहा था। किसी मजदूर को चोट लगी है तो किसी के शरीर पर गहरे जख्म हैं। पंजाब के तरनतारन जिले के एक मजदूर ने बताया कि टनल में अचानक तेज हलचल हुई और पानी का बहाव अंदर आ गया। वह खुद भी इसकी चपेट में आ गया। हादसे में उसका जबड़ा टूट गया, लेकिन उसने इसे अपनी खुशकिस्मती बताया कि उसकी जान बच गई। छत्तीसगढ़ के एक घायल मजदूर ने बताया कि हादसे के वक्त वह टनल के पीपलकोटी वाले हिस्से की तरफ काम कर रहा था। अचानक पानी इतनी तेजी से आया कि मजदूरों को संभलने का मौका नहीं मिला। कुछ लोग पानी में गिर गए और कुछ बहाव की चपेट में आ गए।झारखंड के मजदूरों ने भी हादसे के वक्त तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई देने की बात कही। एक मजदूर के मुताबिक, पहले अचानक तेज आवाज सुनाई दी और इसके बाद टनल के अंदर पानी घुसने लगा। कुछ ही देर में वहां अफरा-तफरी मच गई।
1800 मीटर के पास आया पानी का तेज बहाव
हिमाचल प्रदेश के एक घायल मजदूर ने बताया कि टनल के करीब 1800 मीटर वाले हिस्से में अचानक पानी का तेज बहाव आया। इसके बाद वहां मौजूद मजदूरों को निकलने का मौका नहीं मिला। शुरुआती जानकारी में टनल के अंदर मौजूद भारी और कमजोर हिस्सा अचानक नीचे गिरने की बात सामने आई है। इसके बाद पानी और मलबे ने रास्ता रोक दिया। रेस्क्यू टीम लगातार टनल के अंदर फंसे मजदूरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। हादसे के बाद अस्पताल में भर्ती मजदूरों के परिजन भी वहां पहुंच गए। अपनों के सुरक्षित बचने की खबर मिलने के बाद परिवार वालों ने राहत की सांस ली, लेकिन कई परिवार अभी भी अपने लोगों की पूरी जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
