राज्यपाल के अभिभाषण पर आज सीएम योगी दे सकते हैं जवाब,यूपी विधानसभा में हंगामे के आसार, कानून व्यवस्था और शंकराचार्य मुद्दे पर घमासान विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने, सदन की कार्यवाही रह सकती है गरम

लखनऊ उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में आज का दिन काफी अहम माना जा रहा है। उम्मीद है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देंगे। गुरुवार को विधानसभा और विधान परिषद दोनों सदनों में इस मुद्दे पर लंबी बहस हुई थी। बहस के दौरान कानून व्यवस्था, प्रयागराज में शंकराचार्य से जुड़े विवाद और बुलडोजर कार्रवाई जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। ऐसे में आज भी सदन के हंगामेदार रहने की संभावना जताई जा रही है।

शंकराचार्य और कानून व्यवस्था पर टकराव

गुरुवार को सदन में सबसे ज्यादा चर्चा प्रयागराज में माघ मेले के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े मामले पर हुई। समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य को स्नान करने से रोका गया और उनसे पहचान से जुड़े प्रमाण मांगे गए, जो अपमानजनक है। सपा सदस्यों का कहना था कि वे नौ दिन तक धरने पर बैठे रहे, लेकिन कोई वरिष्ठ अधिकारी उनसे मिलने नहीं पहुंचा। अंत में वे बिना स्नान किए लौट गए।

वहीं भाजपा सदस्यों ने इन आरोपों को गलत बताया। उनका कहना था कि शंकराचार्य को स्नान से नहीं रोका गया। सत्ता पक्ष ने पलटवार करते हुए कहा कि साल 2015 में सपा सरकार के समय उन्हीं शंकराचार्य पर लाठीचार्ज हुआ था। भाजपा विधायकों ने विपक्ष पर धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।

कानून व्यवस्था पर विपक्ष का बहिर्गमन

कानून व्यवस्था का मुद्दा भी सदन में गरमाया रहा। विधानसभा में सपा विधायकों ने प्रदेश में अपराध बढ़ने का आरोप लगाया। प्रयागराज में खटिक समाज के बच्चों की डूबने से मौत और सरधना क्षेत्र में हत्या व अपहरण की घटना को लेकर सरकार को घेरा गया। सपा विधायकों का कहना था कि कई मामलों में समय से रिपोर्ट दर्ज नहीं की जाती और आम जनता परेशान है।

सरकार की ओर से संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने जवाब देते हुए कहा कि प्रयागराज की घटना में घायल व्यक्ति के खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज थे और उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई। जिन बच्चों की डूबने से मौत हुई, उनके परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। सरधना की घटना में भी रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा जा चुका है।

सरकार के जवाब से असंतुष्ट सपा विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी और विधानसभा से बहिर्गमन कर दिया। विधान परिषद में भी इसी मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया और सदन से बाहर चले गए।

आज जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सदन में जवाब देंगे, तो माना जा रहा है कि वे कानून व्यवस्था, बुलडोजर कार्रवाई और शंकराचार्य प्रकरण पर सरकार का पक्ष विस्तार से रखेंगे। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि विपक्ष भी अपने सवालों के साथ तैयार बैठा है, जिससे सदन में एक बार फिर तीखी बहस हो सकती है।

कुल मिलाकर, यूपी बजट सत्र का माहौल गरम है। सत्ता पक्ष सरकार की उपलब्धियां गिनाने की तैयारी में है, तो विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर हमलावर रुख अपनाए हुए है। ऐसे में आज की कार्यवाही पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है।