अमेरिका में बर्फीले तूफान का कहर,10,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द, कई राज्यों में आपातकाल लाखों लोग घरों में कैद, जनजीवन बुरी तरह प्रभावित

संयुक्त राज्य अमेरिका के उत्तरपूर्वी हिस्से में आए भीषण बर्फीले तूफान ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि 10,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं और लाखों लोग अपने घरों में रहने को मजबूर हैं। प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि बिना जरूरत बाहर न निकलें, क्योंकि सड़कें बर्फ से ढकी हैं और तेज हवाओं के कारण हादसों का खतरा बढ़ गया है।

सबसे ज्यादा असर बड़े शहरों जैसे न्यूयॉर्क सिटी, बोस्टन और फिलाडेल्फिया में देखने को मिला है। कई जगहों पर स्कूल बंद कर दिए गए हैं और सरकारी दफ्तर भी प्रभावित हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार यह तूफान पिछले करीब दस साल में सबसे ताकतवर तूफानों में से एक माना जा रहा है।

उड़ानों और ट्रांसपोर्ट पर सबसे ज्यादा असर

इस तूफान की वजह से शनिवार से मंगलवार के बीच 10,000 से ज्यादा फ्लाइट रद्द हो चुकी हैं। अकेले सोमवार को ही लगभग 5,000 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि मंगलवार के लिए 1,300 से ज्यादा फ्लाइट पहले ही कैंसिल कर दी गई थीं। सबसे ज्यादा असर बड़े एयरपोर्ट्स पर पड़ा है, जिनमें जॉन एफ. केनेडी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, लागार्डिया हवाई अड्डा और लोगान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शामिल हैं।

हवाई यात्रा के अलावा रेल और बस सेवाएं भी कई इलाकों में बंद कर दी गई हैं। सड़कों पर बर्फ जमने से गाड़ियों का चलना मुश्किल हो गया है। कई जगहों पर विजिबिलिटी बहुत कम हो गई है, जिससे एक्सीडेंट का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने साफ कहा है कि बहुत जरूरी काम होने पर ही लोग घर से बाहर निकलें।

किन राज्यों में सबसे ज्यादा बर्फबारी

तूफान का असर मैरीलैंड से लेकर मेन तक देखा गया है। कई इलाकों में दो फीट यानी करीब 60 सेंटीमीटर से ज्यादा बर्फ गिर चुकी है। रोड आइलैंड के वारविक शहर में तो तीन फीट से ज्यादा बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है। तेज हवाओं और भारी बर्फबारी को देखते हुए न्यू जर्सी और मैसाचुसेट्स समेत कई राज्यों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है।

मौसम वैज्ञानिक इस तूफान को बम चक्रवात बता रहे हैं। इसका मतलब होता है कि बहुत कम समय में तूफान का दबाव तेजी से गिर जाता है, जिससे हवाएं और बर्फबारी दोनों बहुत खतरनाक हो जाती हैं। आमतौर पर ऐसा मौसम तब बनता है जब आर्कटिक की बेहद ठंडी हवा गर्म हवा से टकराती है।

तूफान का असर इतना ज्यादा रहा कि संयुक्त राष्ट्र को भी अपना मुख्यालय बंद करना पड़ा और सुरक्षा से जुड़ी एक अहम बैठक टालनी पड़ी। न्यूयॉर्क शहर में करीब छह साल बाद बर्फबारी के कारण स्कूल बंद करने पड़े। शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने मंगलवार से स्कूल खोलने की बात कही है, लेकिन कुछ अधिकारियों ने मौसम को देखते हुए इस फैसले पर चिंता जताई है।

डिलीवरी सेवाओं पर भी असर पड़ा है और कई कंपनियों ने अस्थायी रूप से काम रोक दिया है। बिजली कटौती की शिकायतें भी कई इलाकों से आई हैं। कुल मिलाकर यह बर्फीला तूफान अमेरिका के लिए बड़ी परेशानी बन गया है और सामान्य स्थिति लौटने में अभी कुछ दिन लग सकते हैं।