बरेली क्लब मैदान एक बार फिर देवभूमि उत्तराखंड के रंगों से सराबोर होने जा रहा है। शहर में 30वां उत्तरायणी मेला मंगलवार 13 जनवरी से शुरू होगा, जो 15 जनवरी तक चलेगा। तीन दिन तक चलने वाले इस मेले में उत्तराखंड की संस्कृति, लोकगीत, लोकनृत्य और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। मेले का उद्घाटन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे।
उत्तरायणी जनकल्याण समिति की ओर से आयोजित इस मेले की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। समिति के अध्यक्ष अमित पंत ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी मेला सभी वर्गों के लोगों को जोड़ने का काम करेगा। महामंत्री मनोज पांडेय और कोषाध्यक्ष कमलेश बिष्ट के अनुसार, मेले में सुरक्षा, साफ-सफाई और दर्शकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है।
रंगयात्रा से होगी शुरुआत
मेले की शुरुआत 13 जनवरी को सुबह 10 बजे रंगयात्रा से होगी। यह रंगयात्रा कोतवाली से शुरू होकर बरेली क्लब मैदान तक पहुंचेगी। रंगयात्रा को महापौर उमेश गौतम हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसी दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी विरेंद्रानंद महाराज मेले का औपचारिक उद्घाटन करेंगे।
मेले में सुबह 10 बजे से
रात 8 बजे तक आम लोगों के लिए निशुल्क प्रवेश रहेगा। मीडिया प्रभारी रमेश शर्मा ने बताया कि सोमवार से ही उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से सांस्कृतिक दल बरेली पहुंचना शुरू हो जाएंगे।
तीन दिन खास मेहमान, खास कार्यक्रम
मेले के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक उद्घाटन करेंगे। शाम को डीडीहाट (पिथौरागढ़) के विधायक विशन सिंह चुफाल दीप प्रज्ज्वलन करेंगे। तीसरे और अंतिम दिन महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और नैनीताल के सांसद अजय भट्ट कार्यक्रम में शामिल होंगे।
सांस्कृतिक प्रभारी पूरन दानू ने बताया कि इस बार उत्तराखंड सरकार की ओर से छह सांस्कृतिक टीमें आ रही हैं। इनमें कई प्रसिद्ध लोक कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। मेला प्रभारी चंदन नेगी, प्रकाश पाठक, कैप्टन शेर सिंह सहित पूरी टीम दिन-रात मेहनत कर रही है ताकि मेला भव्य और यादगार बन सके।
उत्तरायणी मेला हर साल की तरह इस बार भी बरेली में उत्तराखंड प्रेमियों के लिए खास रहने वाला है।
