बरेली क्लब ग्राउंड में 30वां उत्तरायणी मेला शुरू पहाड़ की संस्कृति से सराबोर हुआ बरेली उत्तराखंड के सीएम न आए, फिर भी लोगों का जोश रहा चरम पर

बरेली। शहर के ऐतिहासिक बरेली क्लब ग्राउंड में 30वें उत्तरायणी मेले का शानदार शुभारंभ हो गया है। तीन दिन तक चलने वाला यह मेला 13, 14 और 15 जनवरी तक लोगों को उत्तराखंड की संस्कृति, खान-पान और परंपराओं से रूबरू कराएगा। पहले ही दिन मेले में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे मैदान को पहाड़ी रंग-रूप में सजाया गया है, जिसे देखकर ऐसा लग रहा है मानो बरेली के बीचों-बीच उत्तराखंड बस गया हो।

लोक कलाकारों की प्रस्तुति ने बांधा समां

मेले में उत्तराखंड से आए लोक कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से लोगों का दिल जीत लिया। पारंपरिक ढोल-दमाऊं की थाप और लोक नृत्यों पर दर्शक झूमते नजर आए। कलाकारों ने अपनी कला के जरिए देवभूमि की सांस्कृतिक झलक बरेलीवासियों तक पहुंचाई। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई कार्यक्रमों का आनंद लेता दिखा।
सांस्कृतिक मंच के साथ-साथ मेले में लगे स्टॉल भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। यहां पहाड़ों के शुद्ध अचार, दालें, मसाले और घरेलू उत्पाद खूब बिक रहे हैं।

तंदूरी चाय और पहाड़ी स्वाद ने जीता दिल

खान-पान के शौकीनों के लिए यह मेला किसी जन्नत से कम नहीं है। ठंड के मौसम में मिट्टी के कुल्हड़ में मिलने वाली गरमा-गरम तंदूरी चाय लोगों को खूब भा रही है। इसके अलावा मंडवे की रोटी, गहत की दाल, पहाड़ी रायता और बाल मिठाई की खुशबू दूर से ही लोगों को अपनी ओर खींच रही है।
हस्तशिल्प, ऊनी कपड़े, टोपी, शॉल और पहाड़ी गहनों की दुकानों पर भी अच्छी-खासी भीड़ देखी जा रही है।

सीएम धामी नहीं पहुंचे, फिर भी उत्साह बरकरार

मेले के उद्घाटन को लेकर लोगों में खासा उत्साह था, क्योंकि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आने की उम्मीद थी। हालांकि किसी कारणवश वे नहीं पहुंच सके, जिससे आयोजकों को थोड़ी निराशा जरूर हुई। बावजूद इसके, मेले की रौनक में कोई कमी नहीं आई और लोग बड़ी संख्या में पहुंचे।

शाम होते ही पूरा क्लब ग्राउंड रोशनी से जगमगा उठा। यह मेला सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि बरेली और उत्तराखंड के बीच पुराने और गहरे रिश्तों की पहचान बन चुका है। अगर आप भी पहाड़ की खुशबू, स्वाद और संस्कृति को करीब से महसूस करना चाहते हैं, तो बरेली क्लब ग्राउंड जरूर आएं।