बरेली पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के तत्वावधान में लोक खुशहाली चैरिटेबल ट्रस्ट के सभागार में हरित चर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और रोजमर्रा की जिंदगी में छोटे-छोटे बदलावों के जरिए प्रकृति को बचाने का संदेश देना रहा। सभागार में मौजूद लोगों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए और पर्यावरण से जुड़े विषयों पर खुलकर संवाद किया।
जल, जंगल और जीवन पर खुली चर्चा
कार्यक्रम में क्षेत्रीय संयोजक रणवीर जी ने उपस्थित सभी लोगों से पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अनुभवों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रति व्यक्ति ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण जरूरी है। साथ ही जल के प्रयोग को कम करने, रसायन रहित साबुन अपनाने, बीजारोपण, जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन और हरित घरों के निर्माण जैसे विषयों पर विस्तार से बात की गई।
डॉ. विनोद पागरानी ने कहा कि नहाते समय फव्वारे की जगह बाल्टी का प्रयोग करना चाहिए, इससे पानी की काफी बचत होती है। प्रान्त संयोजक शिवेन्द्र जी ने कहा कि अगर हम संकल्प ले लें तो पर्यावरण को सुरक्षित रखना संभव है। इसी सोच के तहत बरेली महानगर में कुओं के संरक्षण का संकल्प लिया गया है।
सबकी जिम्मेदारी है पर्यावरण
नारी शक्ति प्रांत संयोजिका प्रीति सिंह ने कहा कि पर्यावरण को बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। यह काम अकेले नहीं, बल्कि मिलकर करने से ही सफल होगा, तभी आने वाली पीढ़ी को शुद्ध वातावरण मिल पाएगा। शैलेंद्र विक्रम जी ने कहा कि पर्यावरण में सभी जीव-जंतुओं का संतुलन बना रहना ही मानव जीवन का आधार है।
कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी संस्थाओं द्वारा किए जा रहे पर्यावरणीय कार्यों की जानकारी दी। प्रान्त टोली से शशि देवी शर्मा, रचना सक्सेना, विवेक पटेल, पुष्पेंद्र, बरेली विभाग से पारस सिंह, विवेक दुबे, संदीप तथा महानगर टोली से प्रत्युश, मनोज मेहरा, अरविन्द, धीरेन्द्र, प्रेम शंकर, रमाकांत आदि मौजूद रहे।
मंच संचालन एडवोकेट मनोज बाजपेई ने किया। अंत में महानगर संयोजक सुदीप ने सभी आगंतुकों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सामाजिक संस्थाओं से मीनाक्षी चंद्र, तरुण कपूर, नीतू, हेमा अडवाणी, अंजना राठौर, भावना सिंह, अभिनव पाल, पंकज झा, शालू सक्सेना, शीलू त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
