अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तेल को लेकर डील तय हो गई है। इस समझौते के तहत अमेरिका वेनेजुएला से करीब 5 करोड़ बैरल कच्चा तेल खरीदेगा, जिसकी कीमत लगभग 52 अरब अमेरिकी डॉलर बताई जा रही है। इस सौदे को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति और तेल बाजार में हलचल तेज हो गई है।
डोनाल्ड ट्रंप ने यह बात न्यूयॉर्क में सदर्न बुलेवार्ड का नाम बदलकर डोनाल्ड जे. ट्रंप बुलेवार्ड रखे जाने के कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने बताया कि वेनेजुएला के मौजूदा शासकों और अंतरिम सरकार से उनकी बातचीत चल रही है और रिश्ते काफी बेहतर हैं।
वेनेजुएला ने खुद दिया तेल बेचने का प्रस्ताव
ट्रंप के मुताबिक वेनेजुएला की तरफ से खुद यह प्रस्ताव आया कि उनके पास 5 करोड़ बैरल तेल है, जिसे तुरंत रिफाइन करना जरूरी है क्योंकि उनके पास स्टोरेज की जगह नहीं बची है। ट्रंप ने कहा, “उन्होंने हमसे पूछा कि क्या अमेरिका यह तेल लेगा? मैंने साफ कहा कि हम इसे लेंगे। इसकी कीमत करीब 5.2 अरब डॉलर बैठती है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका अपनी बड़ी-बड़ी तेल कंपनियों को वेनेजुएला भेजेगा। ये कंपनियां वहां के खराब हो चुके तेल ढांचे को ठीक करेंगी। इसके लिए अरबों डॉलर का निवेश किया जाएगा। ट्रंप का दावा है कि इससे वेनेजुएला में रोजगार भी बढ़ेगा और देश की अर्थव्यवस्था को सहारा मिलेगा।
तेल की कमाई अमेरिकी खातों में जमा होगी
इस डील का सबसे अहम पहलू यह है कि तेल बिक्री से मिलने वाला पैसा फिलहाल वेनेजुएला सरकार को सीधे नहीं मिलेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह रकम अमेरिकी सरकार की निगरानी में रखे गए बैंक खातों में जमा की जा रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन खातों में से मुख्य खाता कतर में स्थित है।
मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि अमेरिका पहले ही 500 मिलियन डॉलर का तेल वेनेजुएला से खरीद चुका है। यानी यह डील धीरे-धीरे जमीन पर उतर चुकी है।
ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बनी अंतरिम सरकार की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि मौजूदा अंतरिम राष्ट्रपति और उनकी टीम के साथ अमेरिका के रिश्ते अच्छे हैं और इससे हालात में काफी सुधार हुआ है।
बताया जाता है कि वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा कच्चे तेल का भंडार है। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन के अनुसार, वेनेजुएला के पास करीब 303 अरब बैरल तेल मौजूद है, जो वैश्विक भंडार का लगभग पांचवां हिस्सा है। इसी वजह से अमेरिका वहां निवेश को लेकर खासा दिलचस्पी दिखा रहा है।
कुल मिलाकर, ट्रंप की यह डील सिर्फ तेल खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए अमेरिका वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था और संसाधनों पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में भी नजर आ रहा है।
