वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने ऐसा पोस्ट साझा किया है, जिसने अमेरिका के साथ-साथ यूरोप और पड़ोसी देशों में भी हलचल मचा दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें डाली हैं, जिनमें एक बदला हुआ नक्शा दिख रहा है। इस नक्शे में कनाडा, ग्रीनलैंड और वेनेजुएला को अमेरिका का हिस्सा बताया गया है।
तस्वीरों में ट्रंप ओवल ऑफिस में बैठे नजर आते हैं। उनके साथ कई बड़े यूरोपीय नेता भी दिख रहे हैं। इनमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन शामिल हैं। पीछे दीवार पर लगे नक्शे को लेकर सबसे ज्यादा विवाद खड़ा हुआ है।
ग्रीनलैंड पर ट्रंप का दावा, यूरोप नाराज
ट्रंप ने एक और पोस्ट में खुद को उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ ग्रीनलैंड में दिखाया है। इस तस्वीर में अमेरिकी झंडा फहराया जा रहा है। पास में लगे एक माइलस्टोन पर लिखा है,ग्रीनलैंड, अमेरिकी साम्राज्य, स्थापित 2026। इस पोस्ट के बाद यूरोपीय संघ के अधिकारियों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
यूरोपीय संघ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप का रुख गलत है और इससे अमेरिका की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पिछले साल अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच यह सहमति बनी थी कि एक-दूसरे पर नए टैरिफ नहीं लगाए जाएंगे, लेकिन ट्रंप अब उसी समझौते से पीछे हटते नजर आ रहे हैं।
कनाडा और वेनेजुएला को लेकर पुराने बयान फिर चर्चा में
यह पहला मौका नहीं है जब ट्रंप ने ऐसे बयान दिए हों। इससे पहले भी वे कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात कह चुके हैं। हालांकि, कनाडा सरकार ने इस प्रस्ताव को साफ तौर पर खारिज कर दिया था। इसी तरह वेनेजुएला को लेकर भी ट्रंप विवादित बयान दे चुके हैं। वे एक बार वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद खुद को वहां का कार्यवाहक राष्ट्रपति तक बता चुके हैं।
इस बीच अमेरिका ने ग्रीनलैंड के पिटफिक स्पेस बेस पर एक सैन्य विमान भी भेजा है। अमेरिकी रक्षा संगठन नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (NORAD) का कहना है कि यह विमान पहले से तय सैन्य गतिविधियों के तहत भेजा गया है। अमेरिका का दावा है कि यह कदम डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ तालमेल में उठाया गया है।
कुल मिलाकर ट्रंप के बदले हुए नक्शे और बयानों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अमेरिका और यूरोपीय देशों के रिश्ते किस दिशा में जाते हैं।
