मिडिल ईस्ट में इस समय हालात बेहद खराब हो चुके हैं। अमेरिका और इजराइल ने मिलकर फरवरी के आखिर में ईरान पर बड़ा हमला किया था। इस हमले में ईरान के कई बड़े नेता मारे गए, जिनमें देश के सुप्रीम लीडर भी शामिल थे। इसके बाद से ही यह जंग लगातार बढ़ती जा रही है। ताजा खबर केमुताबिक, इजराइल ने ईरान के बड़े सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी और एक टॉप कमांडर को मार गिराया।
इस हमले के बाद ईरान ने गुस्से में इजराइल पर मिसाइल और ड्रोन से हमला कर दिया। कई मिसाइलें इजराइल के शहरों तक पहुंचीं, जिससे लोगों में दहशत फैल गई और कुछ लोगों की जान भी गई।
अमेरिका की एंट्री और खाड़ी देशों में हड़कंप
इस जंग में अब अमेरिका खुलकर उतर चुका है। अमेरिका ने ईरान के मिसाइल ठिकानों पर एयर स्ट्राइक किए हैं, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास। यह इलाका बहुत अहम है क्योंकि यहीं से दुनिया का करीब 20% तेल गुजरता है। जंग की वजह से यहां जहाजों की आवाजाही लगभग रुक गई है और तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।
ईरान ने सिर्फ इजराइल ही नहीं, बल्कि यूएई, सऊदी अरब, कुवैत जैसे देशों पर भी मिसाइलें दागीं। यूएई में लोगों को मोबाइल पर अलर्ट भेजा गया और आसमान में धमाके सुनाई दिए, हालांकि ज्यादातर मिसाइलें हवा में ही मार गिराई गईं।
आम लोगों पर असर और बढ़ता खतरा
इस जंग का असर अब पूरी दुनिया पर दिखने लगा है। तेल महंगा होने से भारत जैसे देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं और महंगाई भी बढ़ेगी।
वहीं लेबनान और आसपास के इलाकों में भारी तबाही हो रही है। हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं और सैकड़ों की जान जा चुकी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस जंग में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
आगे क्या हो सकता है
सीधी भाषा में समझें तो यह जंग अब सिर्फ ईरान और इजराइल तक सीमित नहीं रही। इसमें अमेरिका और कई खाड़ी देश भी शामिल हो गए हैं।
अगर जल्द शांति नहीं हुई तो यह लड़ाई और बड़े स्तर पर फैल सकती है, जिससे दुनिया में तेल संकट, महंगाई और सुरक्षा का खतरा और बढ़ जाएगा।
कुल मिलाकर, यह जंग अब पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन चुकी है और हर कोई यही चाहता है कि जल्द से जल्द हालात सामान्य हों।
