उत्तराखंड के प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट आज बुधवार सुबह पूरे विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। करीब 6 महीने बाद बाबा केदार के दर्शन शुरू होते ही वहां का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। मंदिर परिसर में “हर हर महादेव” के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा और हजारों श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए। सुबह करीब 8 बजे शुभ मुहूर्त में मंदिर के कपाट खोले गए। इस खास मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे और उन्होंने पूजा-अर्चना कर राज्य की खुशहाली की कामना की।
भक्तों का उमड़ा सैलाब, फूलों से सजा मंदिर
कपाट खुलने से पहले ही बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु केदारनाथ पहुंच गए थे। जैसे ही मंदिर के दरवाजे खुले, लोग बाबा के दर्शन के लिए कतार में लग गए। बताया जा रहा है कि मंदिर को कई क्विंटल फूलों से भव्य तरीके से सजाया गया, जिससे उसकी सुंदरता और भी बढ़ गई।पूरे आयोजन के दौरान वैदिक मंत्रों के साथ पूजा की गई और परंपराओं का खास ध्यान रखा गया। श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला, क्योंकि हर साल की तरह इस बार भी केदारनाथ यात्रा आस्था का बड़ा केंद्र बनी हुई है।
चारधाम यात्रा की रफ्तार तेज, सुरक्षा के खास इंतजाम
केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा ने पूरी रफ्तार पकड़ ली है। इससे पहले गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट 19 अप्रैल को खोले जा चुके हैं, जबकि बद्रीनाथ धाम 23 अप्रैल को खुलेगा। इस बार यात्रा को लेकर प्रशासन ने खास इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं, जिनमें मेडिकल चेकअप, रजिस्ट्रेशन और मंदिर परिसर में मोबाइल फोन पर रोक जैसे फैसले शामिल हैं। इसके अलावा यात्रा को आसान बनाने के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं भी शुरू की गई हैं और कई कंपनियों को इसकी अनुमति दी गई है।
आस्था और विश्वास का बड़ा केंद्र बना केदारनाथ
केदारनाथ धाम हिंदू धर्म के सबसे पवित्र स्थानों में से एक है और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण मंदिर बंद रहता है और गर्मियों में कपाट खुलने के साथ ही यात्रा शुरू होती है। इस बार भी कपाट खुलने के साथ ही पूरे देश में खुशी का माहौल है और लोग बाबा केदार के दर्शन के लिए निकल पड़े हैं। प्रशासन का कहना है कि इस बार यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए गए हैं।
