लखनऊ में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath और डेनमार्क के राजदूत Rasmus Abildgaard Kristensen के बीच अहम मुलाकात हुई। इस मीटिंग में यूपी में निवेश बढ़ाने और नई तकनीक लाने को लेकर लंबी बातचीत हुई। सरकार का कहना है कि इससे प्रदेश में रोजगार और विकास दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
यूपी में निवेश के लिए बड़ा मौका
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने साफ कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में शामिल है। यहां कानून व्यवस्था बेहतर है, सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर का जाल फैल चुका है, इसलिए विदेशी कंपनियों के लिए अच्छा माहौल है। उन्होंने डेनमार्क की कंपनियों को खुला न्योता दिया कि वे यूपी में आकर निवेश करें। सरकार हर तरह की मदद करेगी और काम आसान बनाने के लिए नियम भी सरल रखे जाएंगे।योगी ने खास तौर पर कहा कि यूपी में रेड टेप नहीं, रेड कारपेट मिलेगा, यानी निवेशकों को कोई दिक्कत नहीं होगी बल्कि स्वागत किया जाएगा।
इन सेक्टरों में होगा मिलकर काम
इस मुलाकात में कई अहम क्षेत्रों पर बात हुई, जहां यूपी और डेनमार्क मिलकर काम कर सकते हैं।डिफेंस कॉरिडोर (हथियार और सुरक्षा उपकरण)रिन्यूएबल एनर्जी (सौर ऊर्जा, हाइड्रोजन आदि)
वेस्ट से एनर्जी बनाना
पानी साफ करने और मैनेजमेंटहेल्थ और इंफ्रास्ट्रक्चरस्किल डेवलपमेंट डेनमार्क के राजदूत ने भी कहा कि उनकी कंपनियों को यूपी के डिफेंस सेक्टर में खास दिलचस्पी है और वे यहां टेक्नोलॉजी के साथ निवेश करना चाहते हैं।
युवाओं को मिलेगा फायदा
इस बैठक का सबसे बड़ा फायदा यूपी के युवाओं को मिलने वाला है।डेनमार्क की तरफ से कहा गया कि स्किल डेवलपमेंट और एजुकेशन में भी साथ काम किया जा सकता है। इससे यूपी के युवाओं को नई तकनीक सीखने और विदेश में नौकरी के मौके भी मिल सकते हैं।
इसके अलावा बुजुर्गों की देखभाल (हेल्थकेयर सेक्टर) में भी रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
खेती और पानी पर भी जोर
बैठक में खेती और फूड प्रोसेसिंग को लेकर भी चर्चा हुई। दोनों देश मिलकर नई तकनीक से खेती को बेहतर बना सकते हैं, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी।साथ ही पानी को साफ करने और नदियों को बचाने के लिए भी प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। डेनमार्क की टीम इस पर पहले से काम कर रही है और आगे इसे और बढ़ाया जाएगा।
