लखनऊ में गुरुवार को आयोजित बड़े नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ शब्दों में कहा कि अगर किसी योग्य युवक की जगह कोई घूस देकर नौकरी पा जाता है, तो वह पूरे सिस्टम को अंदर से खोखला कर देता है। उन्होंने कहा कि पहले सरकारी नौकरियों में सिफारिश, जाति और पैसे का खेल चलता था, लेकिन अब उत्तर प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और योग्यता आधारित बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने लोकभवन में आयुष विभाग, कौशल विकास विभाग और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के लिए चुने गए 481 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र बांटे। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में नौ लाख से ज्यादा युवाओं को बिना किसी भेदभाव के सरकारी नौकरी दी है। उन्होंने कहा कि अब भर्ती प्रक्रिया में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो रहा है, जिससे भ्रष्टाचार और पेपर लीक जैसी समस्याओं पर रोक लगी है।
पहले नौकरी में चलता था पैसा और पहुंच का खेल
सीएम योगी ने कहा कि साल 2017 से पहले प्रदेश में नौकरी पाने के लिए लोगों को नेताओं और अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते थे। कई बार योग्य उम्मीदवार पीछे रह जाते थे और पैसे वालों को मौका मिल जाता था। इससे मेहनत करने वाले नौजवानों का मनोबल टूटता था। उन्होंने कहा कि अगर गलत आदमी सिस्टम में घुस जाता है, तो वह सालों तक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाता रहता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरकार की कोशिश है कि हर युवा को उसकी मेहनत और काबिलियत के आधार पर मौका मिले। उन्होंने भर्ती आयोगों की तारीफ करते हुए कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही के कारण अब उत्तर प्रदेश देश में सबसे ज्यादा सरकारी नौकरी देने वाला राज्य बन गया है।
यूपी की बदली पहचान
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले देश के दूसरे राज्यों में यूपी की पहचान खराब कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार वाले प्रदेश की थी। लोग यूपी का नाम सुनकर दूरी बना लेते थे, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। आज उत्तर प्रदेश निवेश, रोजगार और विकास के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है।उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था, बजट और प्रति व्यक्ति आय में काफी बढ़ोतरी हुई है। साथ ही यूपी अब एक्सप्रेसवे, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 96 लाख से ज्यादा एमएसएमई इकाइयां काम कर रही हैं, जिनसे करोड़ों लोगों को रोजगार मिल रहा है। सीएम योगी ने आयुष विभाग को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आयुष और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के जरिए हेल्थ टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा सकता है। गांव-गांव में आयुष सेवाओं को मजबूत करने पर सरकार काम कर रही है। वहीं कौशल विकास विभाग के जरिए युवाओं को नई तकनीकों की ट्रेनिंग दी जा रही है। आईटीआई संस्थानों में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और रोबोटिक्स जैसे आधुनिक कोर्स शुरू किए गए हैं।मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों को लेकर भी संवेदनशील बात कही। उन्होंने कहा कि हर दिव्यांग व्यक्ति में प्रतिभा होती है, जरूरत सिर्फ सही मंच और अवसर देने की होती है। सरकार दिव्यांगजनों के लिए विशेष केंद्र और सुविधाएं बढ़ा रही है ताकि वे भी समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
