बरेली में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का असर अब सीधे लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है। शहर की मंडियों और बाजारों में फल और सब्जियों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ने से व्यापारियों को माल महंगे दामों में मंगाना पड़ रहा है, जिसका बोझ अब आम जनता पर पड़ रहा है।पिछले कुछ दिनों में डीजल और पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इसका सबसे ज्यादा असर उन चीजों पर दिख रहा है जो रोजाना दूसरे शहरों और राज्यों से बरेली लाई जाती हैं। सब्जी और फल व्यापारी बताते हैं कि ट्रकों का किराया पहले से काफी बढ़ गया है। ऐसे में मंडी तक माल पहुंचाने का खर्च ज्यादा हो रहा है।
सब्जी मंडियों में बढ़े दाम
बरेली की सब्जी मंडियों में आलू, टमाटर, प्याज, भिंडी, लौकी और हरी सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि पहले जो ट्रांसपोर्ट खर्च आता था, अब उससे ज्यादा पैसा देना पड़ रहा है। कई छोटे व्यापारी कम मात्रा में माल मंगा रहे हैं ताकि नुकसान कम हो सके।फल कारोबारियों के अनुसार सेब, केला, अंगूर और पपीता जैसे फलों के दाम भी बढ़े हैं। बाहर से आने वाले फलों पर भाड़ा ज्यादा लगने से कीमतों में सीधा फर्क दिखाई दे रहा है। गर्मी के मौसम में फलों की मांग ज्यादा रहती है, लेकिन महंगाई के कारण लोग अब कम खरीदारी कर रहे हैं।घरेलू महिलाएं भी बढ़ती कीमतों से परेशान हैं। लोगों का कहना है कि पहले जितने पैसे में पूरे सप्ताह की सब्जी आ जाती थी, अब उतने में कुछ दिन का सामान ही मिल पा रहा है। मध्यम वर्ग और मजदूरी करने वाले परिवारों पर इसका ज्यादा असर पड़ रहा है।
ट्रांसपोर्टरों और व्यापारियों की बढ़ी चिंता
ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि डीजल महंगा होने से गाड़ियों का खर्च काफी बढ़ गया है। लंबी दूरी तय करने वाले ट्रकों और पिकअप वाहनों को पहले के मुकाबले ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है। ऐसे में भाड़ा बढ़ाना मजबूरी बन गया है।व्यापारियों का कहना है कि अगर इसी तरह ईंधन की कीमतें बढ़ती रहीं तो आने वाले दिनों में और ज्यादा महंगाई देखने को मिल सकती है। कई दुकानदारों ने बताया कि ग्राहक भी अब मोलभाव ज्यादा करने लगे हैं क्योंकि आम आदमी का बजट बिगड़ रहा है।
जानकारों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ सब्जियों और फलों तक सीमित नहीं रहता। धीरे-धीरे दूध, राशन, निर्माण सामग्री और दूसरी जरूरी चीजों के दाम भी बढ़ने लगते हैं। क्योंकि ज्यादातर सामान सड़क मार्ग से ही एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जाता है।
आम आदमी की जेब पर बढ़ा बोझ
बरेली में रोजमर्रा का खर्च पहले ही बढ़ा हुआ है। अब फल और सब्जियों के दाम बढ़ने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है। कई परिवारों ने खर्च कम करने के लिए जरूरत के हिसाब से ही खरीदारी शुरू कर दी है। बाजारों में भी पहले जैसी रौनक कम दिखाई दे रही है लोगों का कहना है कि सरकार को बढ़ती महंगाई पर ध्यान देना चाहिए ताकि आम आदमी को राहत मिल सके। अगर आने वाले समय में ईंधन के दाम कम नहीं हुए तो रोजमर्रा की चीजें और महंगी हो सकती हैं। फिलहाल बरेली के बाजारों में महंगाई की मार साफ दिखाई दे रही है और इसका असर हर वर्ग के लोगों पर पड़ रहा है।
