दुनिया भर में एक बार फिर खतरनाक वायरस को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस बार मामला एक बड़े क्रूज जहाज से जुड़ा है, जहां हंता वायरस संक्रमण मिलने के बाद हड़कंप मच गया। जानकारी के मुताबिक डच क्रूज जहाज एमवी होंडियस पर यात्रा कर रहे एक अमेरिकी यात्री में हंता वायरस की पुष्टि हुई है। वहीं एक दूसरे यात्री में भी हल्के लक्षण मिले हैं। इसके बाद अमेरिका समेत कई देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं।बताया जा रहा है कि जहाज पर मौजूद 17 अमेरिकी यात्रियों को स्पेशल मेडिकल फ्लाइट से अमेरिका भेजा गया है। इन यात्रियों को अलग-अलग सुरक्षा इंतजामों के बीच वापस ले जाया गया ताकि संक्रमण और ज्यादा न फैले। अमेरिका के स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि संक्रमित और संदिग्ध मरीजों को खास बायो कंटेनमेंट यूनिट में रखा गया है।
क्या है पूरा मामला
एमवी होंडियस नाम का यह क्रूज जहाज अप्रैल महीने में अर्जेंटीना से रवाना हुआ था। यात्रा के दौरान कुछ यात्रियों की तबीयत बिगड़ने लगी। पहले इसे सामान्य बीमारी माना गया, लेकिन बाद में जांच में हंता वायरस संक्रमण सामने आया। धीरे-धीरे कई लोग बीमार पड़ गए और तीन लोगों की मौत की भी खबर आई। इसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन और कई देशों की मेडिकल टीमें सक्रिय हो गईं। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार जहाज पर मिले वायरस को एंडीज स्ट्रेन माना जा रहा है। यह हंता वायरस का ऐसा प्रकार है जो बेहद खतरनाक माना जाता है। आमतौर पर यह वायरस चूहों और उनके मल-मूत्र से फैलता है। हालांकि एंडीज वायरस में इंसान से इंसान में संक्रमण फैलने की भी आशंका रहती है। इसी वजह से यात्रियों की लगातार निगरानी की जा रही है।
यात्रियों में डर का माहौल
क्रूज जहाज पर मौजूद यात्रियों में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है। कई यात्रियों को अलग-अलग देशों में भेजा गया है जहां उन्हें निगरानी में रखा गया है। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, कनाडा और नीदरलैंड जैसे देशों ने अपने नागरिकों के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। कुछ यात्रियों को एयरपोर्ट तक ले जाने के लिए भी खास सुरक्षा प्रोटोकॉल अपनाए गए। अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा है कि फिलहाल आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है। डॉक्टरों को भी निर्देश दिए गए हैं कि अगर किसी व्यक्ति में तेज बुखार, शरीर दर्द, सांस लेने में दिक्कत या कमजोरी जैसे लक्षण दिखें और वह हाल में इस जहाज पर यात्रा करके आया हो तो तुरंत जांच कराई जाए। विशेषज्ञों का कहना है कि हंता वायरस बहुत आम बीमारी नहीं है, लेकिन समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। फिलहाल जहाज को भी पूरी तरह सैनिटाइज करने की तैयारी चल रही है। वहीं सभी यात्रियों की मेडिकल जांच लगातार जारी है।स्वास्थ्य एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि संक्रमण आखिर जहाज तक कैसे पहुंचा। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि कुछ यात्री पहले से संक्रमित हो सकते थे, जिसके बाद यात्रा के दौरान दूसरे लोग भी संपर्क में आए। फिलहाल दुनिया भर की स्वास्थ्य एजेंसियां इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
