बरेली में 26 जनवरी के बाद से निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री को लेकर प्रशासन और समर्थकों के बीच लगातार तनाव बना हुआ है। बुधवार दोपहर प्रशासन ने अलंकार अग्निहोत्री को निजी वाहन से बरेली के बाहर भेज दिया। जैसे ही यह खबर फैली, उनके समर्थकों में जबर्दस्त नाराज़गी देखने को मिली और हालात काफी देर तक तनावपूर्ण बने रहे।
निलंबन के बाद भी नहीं छोड़ा था सरकारी आवास
26 जनवरी को पहले इस्तीफा देने और फिर निलंबित किए जाने के बाद भी अलंकार अग्निहोत्री ने बरेली स्थित अपना सरकारी आवास नहीं छोड़ा था। इसी को लेकर प्रशासन पर सवाल उठ रहे थे। बुधवार को दोपहर करीब 2 बजकर 18 मिनट पर पुलिस और प्रशासन की टीम उन्हें निजी कार से बरेली से बाहर लेकर निकली। बताया जा रहा है कि इस दौरान पूरी कार्रवाई गोपनीय तरीके से की गई।
जब समर्थकों को जानकारी हुई कि अलंकार अग्निहोत्री को शहर से बाहर ले जाया जा रहा है, तो बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। समर्थकों ने गाड़ी को रोकने की भरपूर कोशिश की, लेकिन भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन उन्हें बाहर भेजने में सफल रहा।
समर्थकों ने लगाया जाम, पुलिस से हुई झड़प
अलंकार अग्निहोत्री के बरेली से बाहर जाने के बाद समर्थकों का गुस्सा और भड़क गया। रामपुर की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर समर्थकों ने जाम लगा दिया और जमकर नारेबाजी की। कई समर्थक सड़क पर बैठ गए और धरना शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प भी देखने को मिली। हालात को संभालने के लिए पीएसी को भी मोर्चा संभालना पड़ा।
समर्थकों का कहना था कि उन्हें किसी अनहोनी का डर है और अलंकार अग्निहोत्री को जबरन बाहर ले जाया गया है। कुछ लोगों ने पुलिस की गाड़ी पर हाथ भी मारे, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हाउस अरेस्ट का लगाया था आरोप
इससे पहले बुधवार सुबह अलंकार अग्निहोत्री खुद अपने सरकारी आवास के गेट पर आए थे और मीडिया से बातचीत में खुद को हाउस अरेस्ट बताया था। उन्होंने कहा था कि प्रशासन ने उन्हें आवास से बाहर न निकलने के निर्देश दिए हैं और पुलिसकर्मी लगातार यही कह रहे हैं कि उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं है।
अलंकार अग्निहोत्री ने यह भी आरोप लगाया था कि उनके आवास पर जरूरत से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे उनकी निजता का उल्लंघन हो रहा है। उनके आवास के चारों ओर पुलिस बल तैनात रहा और सुबह से ही कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद थे।
बाद में जब उनकी गाड़ी शहर से बाहर जाती हुई देखी गई, तो यह अनुमान लगाया गया कि उन्हें दिल्ली की ओर ले जाया गया है, हालांकि प्रशासन की ओर से इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। एडीएम सिटी से जब सवाल किए गए तो उन्होंने केवल इतना कहा कि अलंकार अग्निहोत्री अपनी मर्जी से गए हैं और अब वे कहां हैं, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
पूरे मामले को लेकर बरेली में चर्चा तेज है और लोग प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।
