अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि दुनिया एक बार फिर जंग के मुहाने पर खड़ी नजर आ रही है। इसी बीच अमेरिका के रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन से जुड़ी एक अजीब लेकिन चर्चित खबर सामने आई है। पेंटागन में अचानक पिज्जा की बिक्री तेज हो गई है। इस बात ने लोगों के बीच नई बहस छेड़ दी है कि क्या अमेरिका ईरान को लेकर कोई बड़ा सैन्य फैसला लेने वाला है।
ईरान-अमेरिका तनाव से बढ़ी चिंता
अमेरिका और ईरान के रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं, लेकिन हाल के दिनों में हालात और ज्यादा बिगड़ते दिख रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को चेतावनी दे रहे हैं। उनका कहना है कि अगर ईरान ने उकसाने वाली कार्रवाई की, तो अमेरिका जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा।
इस बीच अमेरिकी नौसेना का यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप ईरान के बेहद करीब पहुंच चुका है। यह युद्धपोत समूह अमेरिका की सैन्य ताकत का बड़ा संकेत माना जाता है। इसके कारण यह सवाल उठने लगा है कि क्या अमेरिका ईरान पर सैन्य हमला करने की तैयारी कर रहा है।
तनाव के इसी माहौल में पेंटागन के आसपास स्थित पिज्जा दुकानों से एक अनोखा ट्रेंड सामने आया है। देर रात अचानक पिज्जा के ऑर्डर तेजी से बढ़ गए हैं। यही वजह है कि सोशल मीडिया और रणनीतिक मामलों में दिलचस्पी रखने वाले लोग इसे किसी बड़े फैसले से जोड़कर देख रहे हैं।
क्या है पेंटागन पिज्जा इंडेक्स थ्योरी
पेंटागन पिज्जा इंडेक्स कोई आधिकारिक थ्योरी नहीं है, लेकिन यह दशकों से चर्चा में रही है। इस थ्योरी के मुताबिक जब पेंटागन में देर रात तक मीटिंग्स चलती हैं, खासकर सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़ी अहम बैठकों के दौरान, तब वहां काम कर रहे अधिकारी बाहर से जल्दी मिलने वाला खाना मंगाते हैं। ऐसे में पिज्जा सबसे आसान और पसंदीदा विकल्प बन जाता है।
कहा जाता है कि जब अचानक पिज्जा की मांग बढ़ जाती है, तो इसका मतलब होता है कि पेंटागन में कुछ गंभीर और बड़े फैसलों पर चर्चा चल रही है। कई लोग इसे आने वाले सैन्य ऑपरेशन या अंतरराष्ट्रीय संकट का संकेत मानते हैं। हालांकि अमेरिकी सरकार या रक्षा विभाग ने कभी इस थ्योरी की पुष्टि नहीं की है।
पहले भी दिख चुका है यह संयोग
इतिहास पर नजर डालें तो पेंटागन पिज्जा इंडेक्स कई बार सही साबित होता नजर आया है। साल 1990 में गल्फ वॉर से ठीक पहले सीआईए के दफ्तर में एक ही रात में 21 पिज्जा मंगाए गए थे। इसके बाद इराक पर हमला हुआ।
इसी तरह 1983 में ग्रेनेडा पर अमेरिकी हमले और 1989 में पनामा पर कार्रवाई से पहले भी पिज्जा की मांग अचानक बढ़ी थी। हाल के वर्षों में 2024 और 2025 के दौरान जब ईरान और इजराइल के बीच तनाव बढ़ा, तब भी पेंटागन के आसपास पिज्जा ऑर्डर में उछाल देखा गया था।
अब साल 2026 में एक बार फिर वही स्थिति बनती दिख रही है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इसे केवल एक संयोग भी माना जा सकता है। हर बार पिज्जा की बिक्री बढ़ने का मतलब जंग ही हो, ऐसा जरूरी नहीं।
क्या जंग तय है?
फिलहाल अमेरिका या पेंटागन की तरफ से किसी भी सैन्य कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन ईरान-अमेरिका तनाव, युद्धपोतों की तैनाती और पेंटागन में बढ़ी हलचल ने दुनिया भर में चिंता जरूर बढ़ा दी है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह पिज्जा इंडेक्स एक बार फिर इतिहास दोहराएगा या फिर यह सिर्फ एक दिलचस्प अफवाह बनकर रह जाएगा।
