बरेली पहुंचे डॉ. प्रवीण तोगड़िया, बोले— ट्रंप ने जैसे नाइजीरिया में सेना भेजी, वैसे ही भारत सरकार बांग्लादेश में हिंदुओं की रक्षा करे

अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया रविवार को बरेली के राजेंद्रनगर पहुंचे। यहां एक कॉलोनी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
डॉ. तोगड़िया ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं और बहन-बेटियों की इज्जत पर हमला हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बेहद दुखद है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाइजीरिया में ईसाइयों को बचाने के लिए सेना भेजी थी, उसी तरह भारत सरकार को भी बांग्लादेश में हिंदुओं की रक्षा के लिए सेना भेजनी चाहिए।

जनसंख्या नियंत्रण कानून की उठाई मांग

अपने संबोधन में डॉ. तोगड़िया ने देश में बढ़ती जनसंख्या और धर्मांतरण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि एक देश में दो तरह के कानून नहीं चल सकते। अगर किसी एक समुदाय पर जनसंख्या नियंत्रण लागू है, तो वही नियम सभी पर लागू होना चाहिए।
उन्होंने अपना जनसंख्या नियंत्रण का फॉर्मूला बताते हुए कहा कि कानून बनने के एक साल बाद अगर किसी परिवार में तीसरा बच्चा पैदा होता है, तो उस परिवार को सरकारी राशन, सरकारी अस्पताल की सुविधाएं, बच्चों की स्कूल में पढ़ाई, बैंक लोन और वोट देने का अधिकार नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसे राम मंदिर बना है, वैसे ही यह कानून भी बनकर रहेगा।

घुसपैठियों पर DNA टेस्ट का प्रस्ताव

बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर डॉ. तोगड़िया ने कहा कि 1951 की मतदाता सूची को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि आज जो लोग खुद को भारतीय नागरिक बताते हैं, उनसे अपने पूर्वजों का प्रमाण मांगा जाए। इसके लिए DNA टेस्ट कराए जाने की बात भी उन्होंने कही।

उनका कहना था कि जिनका DNA अपने पूर्वजों से मेल खाए, उन्हें नागरिक माना जाए और जिनका मेल न खाए, उन्हें वापस भेजा जाए। उन्होंने दावा किया कि इससे कुछ ही समय में देश से घुसपैठ की समस्या खत्म हो सकती है।

डॉ. तोगड़िया ने कहा कि वे पेशे से कैंसर सर्जन हैं, लेकिन समाज और देश के मुद्दों पर बोलना अपना दायित्व समझते हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे और पूरे समय माहौल गंभीर बना रहा।