ग्रीनलैंड की रणनीतिक जंग तेज,फ्रांस और कनाडा ने खोले वाणिज्य दूतावास ट्रंप के बयान के बाद बढ़ी वैश्विक हलचल

आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ती अंतरराष्ट्रीय दिलचस्पी के बीच ग्रीनलैंड एक बार फिर दुनिया की बड़ी ताकतों के निशाने पर आ गया है। अमेरिका के बाद अब फ्रांस और कनाडा ने भी ग्रीनलैंड में अपनी कूटनीतिक मौजूदगी मजबूत कर ली है। दोनों देशों ने राजधानी नूक में अपने वाणिज्य दूतावास खोल दिए हैं। इसे आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक संतुलन और सुरक्षा चिंताओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
ग्रीनलैंड डेनमार्क का अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र है, लेकिन इसकी भौगोलिक स्थिति इसे बेहद खास बनाती है। यह इलाका आर्कटिक महासागर के पास स्थित है, जहां से कई अहम समुद्री रास्ते गुजरते हैं। इसके अलावा यहां दुर्लभ खनिज, तेल और गैस जैसे प्राकृतिक संसाधनों की भी भरपूर संभावना मानी जाती है। जलवायु परिवर्तन के चलते बर्फ पिघलने से नए समुद्री मार्ग खुल रहे हैं, जिससे बड़े देशों की नजर ग्रीनलैंड पर और टिक गई है।

अमेरिकी बयान के बाद बढ़ी हलचल

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान ग्रीनलैंड को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी बताया था। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चा हुई थी। माना गया कि अमेरिका आर्कटिक क्षेत्र में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहता है। इसी के बाद यूरोपीय देशों और अमेरिका के सहयोगी राष्ट्रों की गतिविधियां भी तेज हो गईं।

कनाडा ने सुरक्षा और स्थानीय अधिकारों पर दिया जोर

नूक में कनाडा के वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने किया। इस दौरान उन्होंने कनाडा का झंडा भी फहराया। उन्होंने कहा कि आर्कटिक से जुड़े किसी भी फैसले में स्थानीय लोगों की भागीदारी बेहद जरूरी है। कनाडा क्षेत्रीय सुरक्षा, आपसी समन्वय और स्थानीय समुदायों के अधिकारों को अपनी प्राथमिकता मानता है। कार्यक्रम में कनाडा की गवर्नर जनरल मैरी साइमन भी मौजूद रहीं।

फ्रांस की ओर से भी नूक में वाणिज्य दूतावास खोलना इस बात का संकेत है कि वह आर्कटिक क्षेत्र को लेकर गंभीर है। फ्रांस पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक शोध और रणनीतिक संतुलन के नजरिए से ग्रीनलैंड को अहम मानता है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में ग्रीनलैंड की अहमियत और बढ़ेगी। आर्कटिक क्षेत्र अब सिर्फ बर्फ और ठंड का इलाका नहीं रहा, बल्कि वैश्विक राजनीति और सुरक्षा का अहम केंद्र बनता जा रहा है।