ईरान का हमला फारस की खाड़ी में तीन जहाजों पर हमला, भारत के 28 पोत फंसे

फारस की खाड़ी में बुधवार को ईरान ने तीन व्यावसायिक जहाजों पर हमले किए। इस हमले में एक भारतीय नाविक समेत चार लोग घायल हुए हैं। वहीं, भारत के 28 जहाज खाड़ी में फंसे हुए हैं, जिनमें कुल 778 चालक दल के सदस्य हैं। ईरान ने खाड़ी में अंतरराष्ट्रीय बैंकों और वित्तीय संस्थानों पर हमलों की भी चेतावनी दी है। इस्राइल ने ईरान और लेबनान में बमबारी की, जबकि भारत ने वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की कड़ी निंदा की।

होर्मुज जलडमरूमध्य में थाईलैंड के जहाज पर हमला

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ओमान के तट के पास थाईलैंड के मालवाहक जहाज मयूरी नारी पर मिसाइल दागी। जहाज में आग लग गई, लेकिन ओमान की नौसेना ने चालक दल के 20 सदस्यों को बचा लिया। तीन सदस्य लापता हैं। यह जहाज गुजरात के कांडला पोर्ट की ओर आ रहा था। इसके अलावा दो अन्य जहाजों में एक जापान का और दूसरा मार्शल द्वीप समूह का था। इन जहाजों को भी नुकसान पहुंचा, लेकिन चालक दल सुरक्षित रहा।

सऊदी अरब, कुवैत और यूएई ने बताया कि ईरान ने उनके यहां भी ड्रोन और मिसाइल हमले किए। सऊदी अरब ने शैवा तेल क्षेत्र और प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हमला करने वाले पांच ड्रोन नष्ट किए। कुवैत ने आठ ईरानी ड्रोन को नष्ट करने की जानकारी दी। बताया जा रहा है कि ईरान ने खाड़ी के डाटा सेंटरों को भी निशाना बनाया।

जहाजरानी मंत्रालय के अनुसार, फारस की खाड़ी में 28 भारतीय जहाज फंसे हैं। इनमें से 24 जहाज होर्मुज के पश्चिमी भाग में हैं, जिनमें 77 नाविक हैं। वहीं, चार जहाज पूर्वी खाड़ी में हैं, जिनमें 101 सदस्य सवार हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना और निर्दोष लोगों की जान को खतरे में डालना पूरी तरह से गलत है। नौवहन की स्वतंत्रता में बाधा डालना बंद होना चाहिए।

सर्वोच्च नेता मोजतबा खामनेई घायल

ईरान के अधिकारियों ने बताया कि सर्वोच्च नेता मोजतबा खामनेई मामूली घायल हैं। हालांकि वे पूरी तरह सक्रिय हैं और अपने कार्यों में लगे हुए हैं। अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि चोट कब लगी और नए नेता बनने के बाद से उन्होंने सार्वजनिक बयान क्यों नहीं दिया। इस्राइल ने नए ईरानी नेता को निशाना बनाने की धमकी भी दी।

  1. तेल की कीमतों में उछाल का खतरा

ईरान ने होर्मुज मार्ग को बंद कर दिया है और खाड़ी देशों में लगातार हमलों की चेतावनी दी है। ईरान के सैन्य कमान के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फाकारी ने कहा कि तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। उन्होंने कहा कि ईरान दुश्मनों पर लगातार हमले करेगा और अमेरिका तेल की कीमतों को नियंत्रित नहीं कर पाएगा।
फारस की खाड़ी में सुरक्षा संकट बढ़ गया है। वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भारी दबाव बन गया है। भारत समेत कई देशों के लिए यह एक गंभीर स्थिति बन गई है।