अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज देश को संबोधित करने वाले हैं। इस भाषण को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे यह तय हो सकता है कि जंग खत्म होगी या और तेज होगी।
क्या है पूरा मामला
पिछले कुछ हफ्तों से अमेरिका और ईरान के बीच लगातार हमले और जवाबी कार्रवाई हो रही है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि हजारों लोगों की जान जा चुकी है और कई इलाकों में तबाही मची हुई है।ट्रंप ने हाल ही में कहा है कि अमेरिका इस युद्ध को ज्यादा लंबा नहीं चलाना चाहता। उनका दावा है कि अगले 2 से 3 हफ्तों के अंदर अमेरिका इस लड़ाई से बाहर निकल सकता है।
आज का संबोधन क्यों अहमआज ट्रंप का राष्ट्र के नाम संबोधन पूरी दुनिया के लिए बहुत बड़ा संकेत होगा। माना जा रहा है कि वह इस भाषण में यह साफ करेंगे कि अमेरिका आगे क्या करेगा युद्ध जारी रहेगा या खत्म किया जाएगा।उन्होंने यह भी कहा है कि युद्ध खत्म करने के लिए जरूरी नहीं कि ईरान के साथ कोई समझौता हो। यानी अमेरिका अपने फैसले खुद ले सकता है।
दुनिया भर में बढ़ी टेंशन
इस जंग का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। तेल के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।
कुछ बड़े देशों ने अमेरिका का साथ देने से इनकार कर दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खींचतान बढ़ गई है।
क्या खत्म होगा टकराव
ट्रंप के बयानों से ऐसा लग रहा है कि अमेरिका जल्द ही पीछे हट सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि बिना किसी बड़ी शर्त के भी युद्ध खत्म किया जा सकता है। लेकिन ईरान की तरफ से अभी साफ जवाब नहीं आया है, इसलिए स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।कुल मिलाकर, आज का दिन बेहद अहम है। ट्रंप का भाषण यह तय करेगा कि दुनिया को राहत मिलेगी या हालात और बिगड़ेंगे। अगर युद्ध खत्म होता है तो बड़ी राहत मिलेगी, लेकिन अगर टकराव बढ़ा तो असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।
