उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू हुए 27 जनवरी को एक वर्ष पूरा होने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना, जहां यूसीसी को जमीन पर लागू किया गया। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने यूसीसी लागू करने का वादा किया था और सरकार बनते ही इसे पूरा किया गया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस कानून को लेकर प्रदेश की जनता में सकारात्मक माहौल है और लोग खुद आगे बढ़कर पंजीकरण करा रहे हैं।
जनता में भरोसा, पंजीकरण में तेजी
मुख्यमंत्री ने बताया कि यूसीसी लागू होने के बाद लोगों में जागरूकता बढ़ी है। खासकर विवाह पंजीकरण को लेकर लोग पहले से ज्यादा गंभीर हुए हैं। आंकड़ों के अनुसार, यूसीसी लागू होने के बाद विवाह पंजीकरण में करीब 24 गुना बढ़ोतरी देखी गई है। पहले जहां रोजाना औसतन 67 विवाह पंजीकरण होते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर करीब 1634 प्रतिदिन हो गई है।
27 जनवरी 2025 से जुलाई 2025 तक, केवल छह महीने में ही तीन लाख से ज्यादा विवाह पंजीकरण हुए। जबकि पुराने कानून के तहत करीब 15 वर्षों में कुल 3.30 लाख विवाह पंजीकरण हुए थे। इससे साफ है कि यूसीसी ने आम लोगों को कानूनी प्रक्रिया से जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस कानून में नागरिकों की सुरक्षा की पूरी गारंटी दी गई है। विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मामलों में अब सभी धर्मों के लिए एक जैसे नियम हैं, जिससे भेदभाव खत्म हुआ है।
महिलाओं को मिला सम्मान और सुरक्षा
यूसीसी को सामाजिक न्याय और लैंगिक समानता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इस कानून का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को समान अधिकार और सम्मान देना है। यूसीसी लागू होने के बाद महिलाओं को बहुविवाह, हलाला जैसी कुप्रथाओं से राहत मिली है। अब विवाह की न्यूनतम उम्र तय कर दी गई है और तलाक की प्रक्रिया भी सभी के लिए समान कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह कानून भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना के अनुरूप है। सरकार ने इसे लागू करने से पहले सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कीं और लोगों की राय भी ली। पहली ही कैबिनेट बैठक में यूसीसी को लागू करने का फैसला किया गया था।
आज एक साल बाद यह साफ दिख रहा है कि यूसीसी सिर्फ कानून नहीं, बल्कि समाज में बदलाव लाने का माध्यम बना है। जनता का बढ़ता भरोसा और पंजीकरण के आंकड़े इस बात का सबूत हैं कि उत्तराखंड में यूसीसी को लोगों ने स्वीकार किया है और आने वाले समय में इसके और सकारात्मक नतीजे सामने आएंगे।
