जंतर-मंतर बवाल आंदोलन से हिंसा तक, जानिए शुरू से अब तक की पूरी कहानी देखिए सिर्फ स्वाभिमान टीवी पर

नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब देश का बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। आंदोलन की शुरुआत कथित परीक्षा गड़बड़ी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर हुई। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में हुई गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

आंदोलन के दौरान हजारों छात्र और समर्थक जंतर-मंतर पर जुटे। इसके बाद “संसद चलो” मार्च निकाला गया। पुलिस ने संसद क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। इसी दौरान धक्का-मुक्की हुई, हालात बिगड़े और लाठीचार्ज के आरोप लगे। कुछ जगह पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं। पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल प्रयोग करने की बात कही है।इस बवाल में कई प्रदर्शनकारी घायल हुए। दिल्ली पुलिस के अनुसार करीब 60 लोगों को चोटें आईं, जबकि आंदोलनकारियों का दावा है कि घायल होने वालों की संख्या इससे अधिक है। कुछ महिला प्रदर्शनकारियों के गंभीर रूप से घायल होने का भी दावा किया गया।

आंदोलन को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी समर्थन मिला। उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल के अनुसार उनकी हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन डॉक्टर लगातार निगरानी कर रहे हैं।घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है और पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। कई मेट्रो स्टेशन कुछ समय के लिए बंद किए गए थे। प्रदर्शनकारी अब भी जंतर-मंतर पर डटे हैं और अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। दूसरी ओर केंद्र सरकार ने बातचीत की अपील की है। भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने आंदोलनकारियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात भी की, लेकिन बातचीत से कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका।

इस बीच मामले की गूंज संसद और अदालत तक पहुंच गई। विपक्ष ने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया, जबकि सरकार ने बातचीत से समाधान निकालने की बात कही। सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल हस्तक्षेप की मांग वाली याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया। वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।

फिलहाल जंतर-मंतर पर धरना जारी है। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और अपनी अन्य मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन खत्म नहीं करने की बात कह रहे हैं। दूसरी ओर प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखते हुए हालात पर लगातार नजर रखे हुए है।