मैंने कोई समझौता नहीं किया 26 दिन के अनशन के बाद सोनम वांगचुक ने सवाल उठाने वालों को दिया करारा जवाब

नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिन का अनशन खत्म करने के बाद उन आरोपों का जवाब दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि उन्होंने केंद्र सरकार से कोई समझौता कर लिया है। वांगचुक ने साफ कहा कि उन्होंने किसी तरह की डील नहीं की है। उनका कहना है कि लोगों को बिना सबूत किसी की नीयत पर सवाल नहीं उठाना चाहिए। अनशन समाप्त होने के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। कुछ लोगों ने दावा किया कि सरकार से बातचीत के बाद ही उन्होंने अपना आंदोलन खत्म किया। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनम वांगचुक ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति देश और समाज के लिए शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष करता है, तो उसकी ईमानदारी पर बार-बार सवाल उठाना ठीक नहीं है।

लिखित भरोसे के बाद लिया फैसला

सोनम वांगचुक ने बताया कि अनशन खत्म करने का फैसला किसी दबाव या समझौते की वजह से नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कुछ मांगों पर लिखित भरोसा दिया गया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन मिला। इसके बाद उन्होंने स्वास्थ्य और आंदोलन से जुड़े लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया। वांगचुक ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी से टकराव करना नहीं, बल्कि अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाना था। उनका कहना है कि यदि बातचीत का रास्ता खुलता है तो उसे मौका दिया जाना चाहिए।

आंदोलन खत्म नहीं, आगे भी जारी रहेगी आवाज

सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया कि अनशन खत्म होने का मतलब यह नहीं है कि उनकी मांगें समाप्त हो गई हैं। उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों को लेकर आंदोलन शुरू किया गया था, वे अब भी बने हुए हैं और उनके समाधान के लिए आगे भी शांतिपूर्ण तरीके से प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर भरोसा न करने और केवल प्रमाणित जानकारी पर विश्वास करने की अपील की।उन्होंने यह भी कहा कि समाज में किसी भी आंदोलन की सफलता केवल एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं होती, बल्कि हजारों लोगों के सहयोग और विश्वास से आगे बढ़ती है। इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी सच्चाई जानना जरूरी है। अनशन खत्म होने के बाद भी यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। विपक्ष के कुछ नेताओं ने सवाल उठाए हैं, जबकि कई लोगों ने वांगचुक के फैसले का समर्थन भी किया है। हालांकि, सोनम वांगचुक अपने बयान पर कायम हैं कि उन्होंने किसी तरह का समझौता नहीं किया और उनका संघर्ष अपने उद्देश्य के लिए आगे भी जारी रहेगा।