केंद्र सरकार ने बजट में विदेश में पढ़ाई और इलाज कराने वालों को बड़ी राहत दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि अब विदेश में एजुकेशन और मेडिकल खर्च पर लगने वाला टीसीएस (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) कम कर दिया गया है। पहले जहां यह दर 5 फीसदी थी, अब इसे घटाकर 2 फीसदी कर दिया गया है। इस फैसले से उन लोगों को सीधा फायदा मिलेगा जो बच्चों की पढ़ाई या इलाज के लिए विदेश जाते हैं।
पढ़ाई और इलाज पर कम लगेगा टीसीएस
बजट के इस ऐलान का मतलब साफ है। अगर कोई व्यक्ति विदेश में पढ़ाई या मेडिकल इलाज के लिए खर्च करता है, तो अब उसे सिर्फ 2 फीसदी टीसीएस देना होगा। पहले इसी खर्च पर 5 फीसदी तक टैक्स देना पड़ता था। इससे विदेश में पढ़ाई और इलाज का खर्च कुछ हद तक कम हो जाएगा। हालांकि यह राहत सिर्फ एजुकेशन और मेडिकल खर्च पर ही मिलेगी, दूसरे विदेशी खर्चों पर यह लागू नहीं होगी।
सरकार ने बजट में एक और अहम फैसला लिया है। कैंसर समेत 17 जरूरी दवाओं पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह हटा दी गई है। इससे विदेश से आने वाली ये दवाएं अब सस्ती मिलेंगी। खासकर गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को इसका बड़ा फायदा मिलेगा। इलाज का बोझ कुछ हद तक कम होगा और दवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
हालांकि बजट में टीसीएस को लेकर राहत दी गई है, लेकिन इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कई टैक्सपेयर्स को उम्मीद थी कि टैक्स फ्री इनकम की सीमा बढ़ाकर 14 लाख रुपये सालाना की जा सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बावजूद विदेश में पढ़ाई और इलाज से जुड़े लोगों के लिए यह बजट राहत भरा माना जा रहा है।
