ओमान के पास शिप पर मिसाइल-ड्रोन हमला, बरेली में रहने वाले जीजा को कैप्टन ने सुनाई मौत को मात देने की कहानी

µबरेली। ओमान के तट के पास एक मालवाहक शिप पर हुए मिसाइल और ड्रोन हमले के बाद उस पर सवार सभी 24 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया। इस घटना के बाद शिप के कैप्टन दिवदीप सिंह सहगल ने बरेली में रहने वाले अपने जीजा हरजीत सिंह को वीडियो कॉल कर पूरी आपबीती सुनाई। कैप्टन ने बताया कि हमला अचानक हुआ और कुछ देर के लिए जहाज पर मौजूद सभी लोगों की सांसें थम गई थीं।जानकारी के मुताबिक शिप ओमान सीमा के पास एंकर पर खड़ा था। जहाज को कंपनी के अगले निर्देश का इंतजार था और वह समुद्र में उसी क्षेत्र में घूम रहा था। इसी दौरान अचानक मिसाइल और ड्रोन से हमला कर दिया गया। हमले में शिप के इंजन वाले हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा और पूरे जहाज में अफरा-तफरी मच गई।

धमाके के बाद जान बचाने की जद्दोजहद

कैप्टन दिवदीप सिंह सहगल ने अपने जीजा हरजीत सिंह को बताया कि हमले के बाद हालात बेहद भयावह हो गए थे। तेज धमाके के साथ जहाज हिल गया और कुछ ही देर में इंजन वाले हिस्से से धुआं निकलने लगा। आग लगने की आशंका के बीच शिप पर मौजूद लोगों ने खुद को सुरक्षित रखने की कोशिश शुरू कर दी।उन्होंने बताया कि कई लोगों को बाहर निकलने के लिए जहाज के शीशे तक तोड़ने पड़े। हर कोई अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थान तलाश रहा था। हमले की वजह से कुछ समय तक पूरे जहाज पर दहशत का माहौल बना रहा। हालांकि सभी क्रू मेंबर्स ने हिम्मत नहीं हारी और एक-दूसरे का साथ देते रहे।

हेलीकॉप्टर से किया रेस्क्यू

बरेली निवासी हरजीत सिंह ने बताया कि उनके साले ने रेस्क्यू ऑपरेशन के वीडियो भी भेजे हैं। वीडियो में ओमान की नौसेना के हेलीकॉप्टर क्षतिग्रस्त जहाज से लोगों को सुरक्षित निकालते दिखाई दे रहे हैं। वहीं जहाज के एक हिस्से से धुआं उठता नजर आ रहा है। ओमान नौसेना ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी 24 भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। फिलहाल कैप्टन दिवदीप सिंह सहगल और अन्य भारतीय ओमान के एक होटल में ठहरे हुए हैं।
हरजीत सिंह ने बताया कि हमले के दौरान कई जरूरी सामान जहाज पर ही रह गए। कैप्टन के दस्तावेज, लैपटॉप और पर्स भी शिप में छूट गए हैं। अब वीजा और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं, जिसके बाद सभी भारतीयों को स्वदेश भेजा जाएगा।
उन्होंने बताया कि कैप्टन लगातार परिवार के संपर्क में हैं और सभी को अपनी कुशलता की जानकारी दे रहे हैं। इस घटना के बाद परिवार को राहत मिली है कि सभी भारतीय सुरक्षित हैं। अब सभी को उनके जल्द भारत लौटने का इंतजार है। बरेली में रहने वाले रिश्तेदार और परिचित भी उनकी सकुशल वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं।