लखनऊ प्रदेश की छात्राओं के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं के साथ-साथ निराश्रित, दिव्यांग और शहीद परिवारों से जुड़ी छात्राओं को भी स्कूटी का लाभ मिल सकेगा। सरकार ने रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना का दायरा बढ़ाते हुए इन छात्राओं के लिए अलग से पात्रता तय की है। इससे उन छात्राओं को राहत मिलने की उम्मीद है, जो आर्थिक या पारिवारिक परिस्थितियों के कारण आगे की पढ़ाई के दौरान आने-जाने में परेशानी उठाती हैं। सरकार ने इस योजना को जुलाई में मंजूरी दी थी। योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने वाली छात्राओं को प्रोत्साहित करना है। शुरुआत में योजना का लाभ पढ़ाई में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को देने की व्यवस्था की गई थी। इसके तहत सामान्य श्रेणी में विश्वविद्यालय और कॉलेज की टॉप पांच प्रतिशत छात्राओं का चयन किया जाना है।
टॉप पांच प्रतिशत की शर्त से मिलेगी राहत
अब सरकार ने योजना में कुछ छात्राओं के लिए पात्रता आसान कर दी है। दिव्यांग, शहीद परिवार और निराश्रित परिवारों की छात्राओं को इस योजना में विशेष प्राथमिकता मिलेगी। इन छात्राओं के लिए केवल स्नातक की पढ़ाई पास करना ही मुख्य पात्रता रखी गई है। यानी इन वर्गों की छात्राओं को सामान्य छात्राओं की तरह कॉलेज या विश्वविद्यालय की टॉप पांच प्रतिशत सूची में आने की अनिवार्यता नहीं होगी। सरकार के इस फैसले से उन छात्राओं को फायदा मिल सकता है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बीच अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। खासकर निराश्रित और दिव्यांग छात्राओं के लिए कॉलेज तक आने-जाने की सुविधा उनकी पढ़ाई को जारी रखने में मददगार हो सकती है।
50 हजार छात्राओं को स्कूटी देने का लक्ष्य
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए सरकार ने 400 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। इसके जरिए प्रदेश की करीब 50 हजार छात्राओं को स्कूटी देने का लक्ष्य रखा गया है। पात्र छात्राओं को सिर्फ स्कूटी ही नहीं दी जाएगी, बल्कि इसके साथ कई जरूरी सुविधाएं भी शामिल होंगी। योजना के तहत पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी के अलावा पंजीकरण शुल्क, बीमा, आईएसआई मार्क वाला हेलमेट और जरूरी एक्सेसरीज भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ छात्राओं को पांच लीटर पेट्रोल भी दिया जाएगा। इससे स्कूटी मिलने के बाद शुरुआती खर्च का बोझ भी छात्राओं पर कम रहेगा।
12 लाख रुपये तक की आय वाले परिवारों को पात्रता
सामान्य श्रेणी की छात्राओं के लिए परिवार की सालाना आय की सीमा 12 लाख रुपये तक रखी गई है। स्कूटी की खरीद सरकारी ई-मार्केटप्लेस यानी GeM पोर्टल के जरिए की जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे स्कूटी की खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिलेगी। योजना के विस्तार के बाद अब इसका लाभ सिर्फ मेधावी छात्राओं तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार की कोशिश है कि पढ़ाई पूरी करने वाली जरूरतमंद छात्राओं को भी आने-जाने का साधन मिल सके और वे उच्च शिक्षा के लिए आगे बढ़ सकें। हालांकि, अलग-अलग वर्गों के लिए आवेदन, चयन और दस्तावेजों से जुड़ी विस्तृत प्रक्रिया संबंधित विभाग की ओर से जारी की जाएगी।
