बरेली। सावन माह की शुरुआत के साथ उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा को लेकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर पूरी ताकत लगा दी है। गुरुवार को बरेली के सर्किट हाउस में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल और पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने बरेली और मुरादाबाद मंडल के सभी नौ जिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में दोनों मंडलों के मंडलायुक्त, डीआईजी, जिलाधिकारी, एसएसपी समेत पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में कांवड़ यात्रा के पूरे रूट, सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्लान, मेडिकल सुविधाएं, महिला सुरक्षा, संवेदनशील स्थानों और कानून-व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की गई। सभी जिलों के अधिकारियों ने अपने-अपने जिले की तैयारियों का प्रेजेंटेशन भी दिया। अधिकारियों ने पिछले वर्षों की घटनाओं, इस बार किए गए सुधार और भीड़ प्रबंधन की रणनीति भी साझा की।
जीरो इंसिडेंट-जीरो एक्सीडेंट पर रहेगा पूरा फोकस
बैठक के बाद डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि इस बार कांवड़ यात्रा जीरो इंसिडेंट और जीरो एक्सीडेंट के साथ पूरी हो। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हादसों और विवादों में लगातार कमी आई है, क्योंकि प्रशासन की तैयारियां और पुलिस का रिस्पॉन्स पहले से बेहतर हुआ है। इस बार भी किसी भी घटना पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।डीजीपी ने साफ कहा कि यदि कोई शरारती या अराजक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी। किसी भी कीमत पर खुराफात करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
कांवड़ मार्ग पर मांसाहारी होटल और शराब की दुकानें रहेंगी बंद
बैठक में बताया गया कि पूरे प्रदेश में कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले सभी मांसाहारी होटल और शराब की दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। यह व्यवस्था पूरे सावन माह तक प्रभावी रहेगी। अधिकारियों ने कहा कि निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।महिला कांवड़ियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। जगह-जगह मिशन शक्ति केंद्रों के कैंप लगाए गए हैं, जहां सुरक्षा के साथ रहने, आराम, प्राथमिक उपचार और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। मेडिकल कैंप, पेयजल, शौचालय और विश्राम स्थल भी तैयार किए गए हैं ताकि यात्रा के दौरान किसी श्रद्धालु को दिक्कत न हो।बैठक में डीजे संचालन को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए। सुप्रीम कोर्ट के मानकों के अनुसार 75 डेसिबल की ध्वनि सीमा और निर्धारित आकार के डीजे ही चल सकेंगे। डीजे संचालकों को पहले ही नियमों की जानकारी देकर उनका पालन सुनिश्चित कराया गया है।
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने कहा कि नौ जिलों की तैयारियां संतोषजनक हैं और सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल है। गंगा एक्सप्रेसवे तैयार होने से वैकल्पिक मार्ग भी मिला है, जिससे यातायात प्रबंधन और आपातकालीन व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि प्रशासन, पुलिस और कांवड़ यात्रा समितियों के सहयोग से इस बार भी यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई जाएगी।
