दुनिया के सबसे अहम तेल रास्तों में गिने जाने वाले हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच ताजा टकराव के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। हालात ऐसे हैं कि इसका असर सीधे भारत समेत पूरी दुनिया की जेब पर पड़ सकता है।
जहाज पकड़ने से बढ़ा विवाद, ईरान ने दी जवाब की चेतावनी
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने ईरान के एक जहाज को पकड़ लिया, जो कथित तौर पर अमेरिकी नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहा था। इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने इस कदम को गलत बताते हुए साफ कहा है कि वह जल्द ही इसका जवाब देगा। वहीं अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई सुरक्षा के लिहाज से जरूरी थी। इस घटना के बाद हॉर्मुज इलाके में हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं।असल में हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का बहुत बड़ा तेल रास्ता है, जहां से करीब 20% तेल की सप्लाई गुजरती है। ऐसे में यहां जरा सा भी तनाव पूरी दुनिया के बाजार को हिला देता है।
तेल की कीमतों में उछाल, आम आदमी पर असर तय
तनाव बढ़ने के साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। रिपोर्ट के अनुसार ब्रेंट क्रूड करीब 95 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि अमेरिकी तेल भी तेजी से महंगा हुआ है। कुछ जगहों पर तेल की कीमतों में 6% से ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सीधा मतलब समझिए
अगर ऐसे ही हालात बने रहे तो पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं, जिसका असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। ट्रांसपोर्ट महंगा होगा, जिससे सब्जी से लेकर रोजमर्रा के सामान तक सब कुछ महंगा हो सकता है।
आगे क्या हो सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत नहीं हुई और तनाव और बढ़ा, तो तेल की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है। अभी भी कई तेल टैंकर रास्ते में फंसे हुए हैं और सप्लाई पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है। हालांकि दोनों देशों के बीच बातचीत की कोशिश जारी है, लेकिन हालात अभी भी नाजुक बने हुए हैं। अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है।हॉर्मुज में बढ़ता तनाव सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं है, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया और खासकर आम लोगों की जेब पर पड़ने वाला है।
