उत्तर प्रदेश के बरेली में प्यार की ताकत एक बार फिर बरेली में देखने को मिली, जहां अलग-अलग धर्मों से संबंध रखने वाले दो युवाओं ने तमाम सामाजिक और पारिवारिक चुनौतियों का सामना करते हुए विवाह कर लिया। शीशगढ़ क्षेत्र की रहने वाली 22 वर्षीय मैजवीन ने अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन कर सनातन धर्म अपनाया और अपना नया नाम लक्ष्मी रख लिया। इसके बाद उन्होंने अपने प्रेमी विशाल के साथ वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार सात फेरे लेकर नए जीवन की शुरुआत की।
स्कूल की दोस्ती से शुरू हुई प्रेम कहानी
जानकारी के अनुसार शीशगढ़ थाना क्षेत्र के बल्ली गांव निवासी मैजवीन और जाफरपुर गांव के रहने वाले विशाल एक ही स्कूल में पढ़ते थे। दोनों ने आठवीं कक्षा तक साथ पढ़ाई की, जहां उनकी दोस्ती हुई। समय के साथ यह दोस्ती गहरे प्रेम में बदल गई। बाद में दोनों की पढ़ाई अलग-अलग स्कूलों में होने लगी, लेकिन उनके बीच का रिश्ता लगातार मजबूत होता गया। करीब चार वर्षों तक चले प्रेम संबंध के बाद दोनों ने शादी करने का फैसला किया। हालांकि अलग-अलग धर्मों से होने के कारण उन्हें परिवार और समाज के विरोध का सामना करना पड़ा। विशाल ने बताया कि उनके परिवार ने बाद में इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया, लेकिन युवती के परिजनों ने इसका विरोध किया। ऐसे में दोनों ने अपने भविष्य का फैसला स्वयं करने का निर्णय लिया।
धर्म परिवर्तन के बाद वैदिक रीति से हुआ विवाह
लक्ष्मी ने बताया कि उन्होंने अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपनाया है और उन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपराओं और रीति-रिवाजों के प्रति उनकी आस्था है, इसलिए उन्होंने धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी कर अपना नाम लक्ष्मी रख लिया।इसके बाद दोनों बरेली स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम पहुंचे, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के बीच उनका विवाह संपन्न कराया गया। विवाह के दौरान विशाल ने लक्ष्मी को वरमाला पहनाई, मांग में सिंदूर भरा और मंगलसूत्र पहनाकर सात फेरे लिए। दोनों ने जीवनभर साथ निभाने के सात वचन भी लिए।लक्ष्मी ने बताया कि प्रेम संबंध के दौरान दोनों नियमित रूप से फोन पर बातचीत करते थे और अवसर मिलने पर एक-दूसरे से मुलाकात भी करते थे। उन्होंने कहा कि वह पहले ही विशाल को अपना जीवनसाथी मान चुकी थीं और अब विवाह के बाद उनका सपना पूरा हो गया है।वहीं आश्रम के संचालक पंडित केके शंखधार ने बताया कि युवती ने अपनी स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद सभी धार्मिक और वैदिक परंपराओं का पालन करते हुए दोनों का विवाह संपन्न कराया गया। प्रेम और विश्वास पर आधारित यह विवाह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
