जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक का आमरण अनशन जारी, बिगड़ती सेहत के बीच सरकार पर बढ़ा दबाव

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पर्यावरणविद और शिक्षा सुधार के मुद्दों को उठाने वाले सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन लगातार जारी है। मंगलवार को भी वह धरना स्थल पर डटे रहे। उनके समर्थन में देश के अलग-अलग राज्यों से छात्र, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और कई संगठन पहुंच रहे हैं। आंदोलन के दौरान उनकी सेहत को लेकर चिंता भी बढ़ती जा रही है। डॉक्टरों की टीम नियमित रूप से उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है। सोनम वांगचुक ने कहा है कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग को लेकर है। उनका कहना है कि लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। इसी वजह से वह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं।

सेहत पर असर, डॉक्टर लगातार कर रहे निगरानी

अनशन लंबा होने के कारण सोनम वांगचुक का वजन करीब छह किलो तक कम हो चुका है। स्वास्थ्य बुलेटिन के मुताबिक उनका ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर पहले की तुलना में नीचे आया है, हालांकि डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक भूखे रहने की वजह से शरीर पर असर पड़ना स्वाभाविक है, इसलिए उनकी जांच नियमित रूप से की जा रही है। धरना स्थल पर मौजूद समर्थकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कई छात्र संगठनों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है। कुछ सामाजिक संगठनों और किसान प्रतिनिधियों ने भी जंतर-मंतर पहुंचकर एकजुटता दिखाई है।

क्या हैं आंदोलन की प्रमुख मांगें

आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि देश में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाई जाए, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई हो और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय की जाए। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे और परीक्षा प्रणाली पर लोगों का भरोसा मजबूत हो। इन मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन जारी है। फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से आंदोलन को लेकर कोई बड़ा आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। दूसरी ओर, धरना स्थल पर पुलिस और प्रशासन की निगरानी बनी हुई है ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। सोनम वांगचुक ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील की है। उनका कहना है कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए है। आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच किसी तरह की बातचीत होती है या नहीं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।