राम मंदिर दान विवाद के बीच बड़ा फैसला: चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की ट्रस्ट ने की पुष्टि, जांच के बाद होगा आगे का निर्णय

अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़ा मामला पिछले कुछ दिनों से चर्चा में बना हुआ है। अब इस मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। ट्रस्ट की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में इन इस्तीफों की पुष्टि कर दी गई है। हालांकि अभी इन इस्तीफों को स्वीकार नहीं किया गया है और अंतिम फैसला ट्रस्ट की अगली बैठक में लिया जाएगा।इस पूरे मामले को लेकर पिछले कई दिनों से अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही थीं। सोशल मीडिया से लेकर अन्य मंचों तक लोगों के बीच सवाल उठ रहे थे। ऐसे माहौल में ट्रस्ट की ओर से पहली बार आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।

ट्रस्ट ने जताया दुख, कहा जांच जारी है

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि ने प्रेस बयान जारी करते हुए कहा कि हाल में सामने आए विवाद को लेकर ट्रस्ट गंभीर है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी स्तर पर कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि देश और विदेश में रहने वाले करोड़ों राम भक्तों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। मंदिर से जुड़ी सभी दान सामग्री जैसे चांदी की ईंटें, गहने और अन्य मूल्यवान वस्तुओं का पूरा रिकॉर्ड ट्रस्ट के पास सुरक्षित रखा गया है। ट्रस्ट का दावा है कि भक्तों की ओर से सौंपे गए सामान की निगरानी और दस्तावेजी व्यवस्था लगातार बनी हुई है। इस बयान में ट्रस्ट की तरफ से यह भी कहा गया कि कुछ लोग इस विवाद को आधार बनाकर धार्मिक भावनाओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। ट्रस्ट ने लोगों से अपील की कि वे बिना पुष्टि की गई जानकारी या अफवाहों पर भरोसा न करें

11 जुलाई की बैठक में होगा फैसला, आग की रणनीति भी तय होगी

हालांकि चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पद छोड़ने की इच्छा जाहिर कर दी है, लेकिन अभी उनका इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ है। जानकारी के अनुसार अब इस पर फैसला 11 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार बैठक में सिर्फ इस्तीफों पर ही नहीं बल्कि ट्रस्ट की आगे की व्यवस्था और संरचना पर भी चर्चा हो सकती है। जरूरत पड़ने पर ट्रस्ट भविष्य की कार्यप्रणाली में कुछ बदलावों पर भी विचार कर सकता है।इस बीच ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की है। आने वाले दिनों में जांच और बैठक के बाद इस मामले की दिशा और साफ होने की उम्मीद जताई जा रही है।