नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे सोनम वांगचुक के अनशन को अब कई जानी-मानी हस्तियों का समर्थन मिलने लगा है। इसी क्रम में अभिनेत्री स्वरा भास्कर भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं और सोनम वांगचुक से मुलाकात की। उन्होंने उनके आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की लड़ाई नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं और बच्चों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।
सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि वह शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठा रहे हैं। लगातार अनशन के कारण उनकी सेहत भी कमजोर होती जा रही है, जिसे लेकर डॉक्टरों और समर्थकों की चिंता बढ़ गई है।
स्वरा भास्कर ने दिया समर्थन, सरकार से बातचीत की अपील
स्वरा भास्कर ने जंतर-मंतर पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात की और वहां मौजूद लोगों को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जो लोग आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए आवाज उठा रहे हैं, उनके साथ खड़ा होना हर जिम्मेदार नागरिक का फर्ज है। उन्होंने आंदोलन से जुड़े लोगों का भी धन्यवाद किया और कहा कि युवाओं की बात सुनी जानी चाहिए।स्वरा ने यह भी कहा कि किसी भी लोकतंत्र में बातचीत सबसे अच्छा रास्ता होता है। अगर किसी मुद्दे पर लोगों की चिंता है तो सरकार और आंदोलनकारियों के बीच खुलकर संवाद होना चाहिए, ताकि समाधान निकल सके।
सेहत को लेकर बढ़ी चिंता, कई हस्तियों ने भी की अपील
सोनम वांगचुक के लंबे अनशन को देखते हुए उनकी सेहत लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया जा रहा है कि उनका वजन काफी कम हो गया है और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। इसी वजह से कई कलाकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने उनसे अपील की है कि वह अपनी सेहत का भी ध्यान रखें।
रिपोर्टों के मुताबिक अभिनेत्री शबाना आजमी, सोनी राजदान, नसीरुद्दीन शाह समेत कई अन्य लोगों ने भी वांगचुक के समर्थन में अपनी बात रखी है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि उनकी जान सबसे ज्यादा जरूरी है और बातचीत के जरिए रास्ता निकाला जाना चाहिए।इस बीच सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की गई है। अदालत ने केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है। बड़ी संख्या में युवा और समर्थक वहां पहुंच रहे हैं। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाएगा, तब तक उनका शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेगा। वहीं दूसरी ओर कई सामाजिक और राजनीतिक हस्तियां लगातार सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत शुरू कराने की मांग कर रही हैं, ताकि जल्द कोई सकारात्मक समाधान निकल सके।
