नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर देशभर में चर्चा का केंद्र बन गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी, युवा और कई सामाजिक संगठनों के लोग जंतर-मंतर पर जुटने लगे। इन लोगों ने संसद की ओर मार्च निकालने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई और हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। कई जगह प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए गए थे। कुछ लोगों ने आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें पीछे धकेला।दिल्ली पुलिस ने पहले से ही साफ कर दिया था कि संसद तक मार्च निकालने की अनुमति नहीं है। इसी वजह से जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल, दंगा नियंत्रण वाहन और वॉटर कैनन तैनात किए गए थे। सुरक्षा कारणों से कुछ मेट्रो स्टेशनों को भी अस्थायी रूप से बंद किया गया, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई।
आखिर यह प्रदर्शन क्यों हो रहा है?
यह पूरा आंदोलन पिछले कई दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन का हिस्सा है। प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक, बेरोजगारी और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों पर सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। इसी मांग को लेकर सोमवार को “संसद चलो” मार्च का आह्वान किया गया था, ताकि संसद सत्र शुरू होने के दिन उनकी आवाज सरकार तक पहुंचे।इस आंदोलन को उस समय और बल मिला, जब पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को कुछ दिन पहले जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल ले जाया गया। उनके समर्थकों ने इसे लेकर भी नाराजगी जताई और बड़ी संख्या में लोग दिल्ली पहुंच गए।
सुबह से बढ़ा तनाव, कई जगह अफरा-तफरी
सोमवार सुबह जंतर-मंतर पर हजारों लोग मौजूद थे। जैसे ही प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ने लगे, पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठियां चलाकर भीड़ को पीछे हटाया। कई प्रदर्शनकारियों को मौके से हिरासत में भी लिया गया।घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। कई लोगों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया, जबकि पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति संसद मार्च निकालने की कोशिश की जा रही थी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए गए।
फिलहाल जंतर-मंतर और संसद मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल लगातार तैनात है और पूरे इलाके पर नजर रखी जा रही है। संसद सत्र के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। उधर, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा।
