सितंबर के आखिरी दिनों में देश के कई हिस्सों में हुई तेज बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पहाड़ से लेकर मैदान तक कहीं सड़कें पानी में डूबी हैं तो कहीं घरों को नुकसान पहुंचा है। कई जगह पेड़ गिरने और जलभराव की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच अब तक 15 लोगों की मौत की सूचना सामने आई है। इसके अलावा चार पशुओं की मौत और 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी है। पांच लोग घायल भी हुए हैंउत्तर प्रदेश में पिछले करीब 60 घंटे से मौसम खराब है। कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है। इसका असर शहरों के साथ-साथ गांवों और खेतों पर भी दिखाई दे रहा है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव की तैयारी तेज कर दी है।
UP में सामान्य से 19 गुना ज्यादा बारिश
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में उत्तर प्रदेश में सामान्य से करीब 19 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई। फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना, कानपुर नगर में 160 गुना और कन्नौज, कानपुर देहात तथा हरदोई में सामान्य से करीब 130 गुना ज्यादा बारिश हुई।इसके अलावा बागपत, गाजियाबाद, मथुरा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, गौतमबुद्धनगर और हापुड़ में भी भारी बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। बारिश से हुए नुकसान को देखते हुए राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों से मिलने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि घायलों को सही इलाज मिले और जिन लोगों के मकान, फसल या दूसरी संपत्ति को नुकसान हुआ है, उसका सर्वे कराया जाए।
पूर्वी UP में बढ़ा बाढ़ का खतरा
नेपाल में भी लगातार बारिश हो रही है। इसका असर उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों पर पड़ सकता है। नेपाल से आने वाली नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।बाढ़ राहत और बचाव दलों को तैयार रखने को कहा गया है। अधिकारियों को नदियों के जलस्तर पर नजर रखने के साथ निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की स्थिति पर भी लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नेपाल में बारिश का असर बिहार की नदियों पर भी पड़ने की आशंका है। बिहार में गंडक, बागमती और कोसी नदी के आसपास के जिलों में प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया है। नदी के जलस्तर, तटबंधों और नदी किनारे बसे गांवों पर नजर रखी जा रही है।
उत्तराखंड में रेड अलर्ट, चारधाम यात्रा पर भी असर
उत्तराखंड में भी भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने 26 और 27 सितंबर को कई इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंह नगर के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। कई दूसरे जिलों में ऑरेंज अलर्ट है।बारिश और खराब मौसम को देखते हुए चारधाम यात्रा को भी स्थगित किया गया है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
ओडिशा में नदियां उफान पर, 14 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित
ओडिशा में भी लगातार बारिश के कारण हालात बिगड़े हैं। राज्य की कई नदियां उफान पर हैं। हीराकुड बांध से महानदी में अतिरिक्त पानी छोड़ने के लिए 16 गेट खोले गए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
बालासोर जिले में बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर से बड़े इलाके में पानी भर गया है। यहां 91 गांवों के करीब 14,660 लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें से 3,268 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा भद्रक, जाजपुर, कालाहांडी, कोरापुट, नबरंगपुर, मलकानगिरी, क्योंझर और जगतसिंहपुर में भी अचानक बाढ़ की स्थिति सामने आई है।प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। मौसम विभाग और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने को कहा गया है। किसी आपात स्थिति में राहत हेल्पलाइन 1070 पर सूचना दी जा सकती है।
बारिश का असर अभी कई इलाकों में बना हुआ है। पहाड़ से मैदान तक प्रशासन अलर्ट है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
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