पीएम मोदी के पिता पर खरगे की टिप्पणी से भड़की भाजपा, देशभर में प्रदर्शन माफी की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर देश की राजनीति गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी ने इस बयान के विरोध में सोमवार को देशभर में प्रदर्शन किया। भाजपा नेताओं ने खरगे से माफी मांगने की मांग की। दिल्ली, जयपुर, पटना, भोपाल, कोलकाता और रांची समेत कई जगहों पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा समेत करीब 200 नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। इस मामले में भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

पटना में बयान के बाद शुरू हुआ विवाद

विवाद की शुरुआत रविवार को बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई। यह कार्यक्रम बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भाषण दे रहे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति ने नारेबाजी करते हुए कहा कि मोदी कहीं नहीं जाएंगे।इस पर खरगे ने जवाब देते हुए कहा, ‘मोदी का बाप भी जाएगा, बाप भी जाएगा।’ उनके इस बयान को भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता का अपमान बताया। इसके बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।भाजपा ने सोमवार को सभी प्रदेश मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। पार्टी नेताओं का कहना है कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी के परिवार और दिवंगत परिजन के बारे में इस तरह की टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए।

दिल्ली में खरगे के आवास के पास प्रदर्शन, पुलिस ने रोका

दिल्ली में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के आवास के पास प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा के प्रदेश प्रभारी विनय सहस्रबुद्धे भी मौजूद रहे। पार्टी के पूर्वांचल, युवा और ओबीसी मोर्चा के करीब 2,000 कार्यकर्ता सेना भवन के पास जुटे और नारेबाजी करते हुए खरगे के आवास की ओर बढ़ने लगे।पुलिस ने कुशक रोड मोड़ पर बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पार करके आगे बढ़ गए। इसके बाद पुलिस ने सेना भवन के पास उन्हें रोक लिया। पुलिस ने हर्ष मल्होत्रा समेत करीब 200 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पांच बसों से मंदिर मार्ग थाने पहुंचाया।हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि नरेंद्र मोदी केवल भाजपा के नेता नहीं, बल्कि देश के प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने खरगे से अपने बयान पर माफी मांगने को कहा। मल्होत्रा ने चेतावनी दी कि जब तक कांग्रेस अध्यक्ष माफी नहीं मांगते, भाजपा का विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कांग्रेस पर चुनावों में हार से निराश होकर राजनीतिक मर्यादा तोड़ने का आरोप भी लगाया। भाजपा के प्रदेश प्रभारी विनय सहस्रबुद्धे ने कहा कि प्रधानमंत्री का सम्मान पूरे देश के सम्मान से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि सामान्य परिवार से निकलकर देश के शीर्ष पद तक पहुंचने में व्यक्ति और उसके परिवार को काफी संघर्ष करना पड़ता है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप भी लगाया।

जयपुर और रांची में भी भाजपा का विरोध

खरगे के बयान को लेकर दिल्ली के अलावा दूसरे राज्यों में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। रांची में भाजपा कार्यकर्ताओं ने शहीद चौक स्थित कांग्रेस प्रदेश कार्यालय का घेराव किया। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने दोनों तरफ बैरिकेडिंग लगाई और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया।जयपुर में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय की ओर मार्च किया। पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में रोक दिया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। प्रदर्शनकारियों ने खरगे का पुतला भी जलाया।
दिल्ली भाजपा के दूसरे नेताओं ने भी कांग्रेस अध्यक्ष के बयान की आलोचना की। प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश भाटिया और महामंत्री मोहनलाल गिहारा समेत अन्य नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के बारे में टिप्पणी करना गलत है। भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि माफी नहीं मांगने पर पार्टी सड़क से लेकर सदन तक विरोध करेगी।

कांग्रेस ने दी सफाई, भाजपा के आरोपों को बताया गलत

भाजपा के विरोध के बीच कांग्रेस ने भी अपने अध्यक्ष का बचाव किया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दावा किया कि पटना के कार्यक्रम में एक व्यक्ति ने पहले खरगे के दिवंगत पिता को लेकर टिप्पणी की थी। उनके मुताबिक, इसके जवाब में खरगे ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वैचारिक नेतृत्व के संदर्भ में बात कही थी, न कि प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के बारे में।कांग्रेस ने भाजपा पर बयान को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि खरगे को अपने शब्दों के लिए माफी मांगनी चाहिए। फिलहाल इस बयान को लेकर दोनों दलों के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ गया है।