राज्यसभा चुनाव BJP ने खरीदे 8 तो सपा ने लिए 3 पर्चे, क्रॉस वोटिंग के दावों से बढ़ी हलचल 10 सीटों के लिए पहले दिन 11 नामांकन पत्र खरीदे गए, 16 अक्टूबर को होगा मतदान सपा नेताओं का दावा- NDA के 12 विधायक कर सकते हैं क्रॉस वोटिंग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है। मंगलवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही बीजेपी और समाजवादी पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पहले दिन कुल 11 नामांकन पत्र खरीदे गए। इनमें बीजेपी की तरफ से 8 और समाजवादी पार्टी की तरफ से 3 पर्चे लिए गए हैं। हालांकि, अभी दोनों दलों ने अपने सभी प्रत्याशियों के नामों का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है।राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 9 अक्टूबर तक प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी। चुनाव की पूरी प्रक्रिया 19 अक्टूबर तक पूरी होनी है।

BJP के 8 पर्चे, कई नाम चर्चा में

बीजेपी की ओर से राज्यसभा की 8 सीटों के लिए नामांकन पत्र लिए गए हैं। पार्टी ने अभी प्रत्याशियों के नाम फाइनल नहीं किए हैं। संभावित नामों में स्मृति ईरानी, कौशल किशोर, हरदीप सिंह पुरी, बृजलाल, गीता शाक्य, रेखा वर्मा, राजवीर सिंह और दूसरे नेताओं के नाम चर्चा में हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पार्टी ने प्रत्येक सीट के लिए संभावित नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजा है।
मौजूदा विधानसभा संख्या बल के हिसाब से बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के पास राज्यसभा चुनाव में पर्याप्त संख्या है। यूपी की 10 सीटों के चुनाव में एक सीट के लिए 37 प्रथम वरीयता वोट की जरूरत पड़ती है। विधानसभा में बीजेपी के 256 विधायक हैं। उसके सहयोगी दलों को मिलाकर एनडीए के पास करीब 289 विधायक हैं।

जानिए सपा ने क्यों लिए 3 पर्चे

समाजवादी पार्टी ने तीन नामांकन पत्र खरीदे हैं। पार्टी की ओर से रामगोपाल यादव का नाम प्रमुखता से सामने आया है। सपा नेता और विधायक शाहिद मंजूर ने बताया है कि रामगोपाल यादव के नामांकन फॉर्म पर उन्होंने हस्ताक्षर किए हैं। बाकी दो प्रत्याशियों के नाम जल्द सामने आने की बात कही गई है।सपा की तरफ से तीसरे उम्मीदवार को लेकर कई नाम चर्चा में हैं। इनमें चौधरी रुद्रसेन, सलीम शेरवानी और अरविंद सिंह गोप के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, अंतिम फैसला पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगा।

क्रॉस वोटिंग के दावों से चुनावी हलचल

राज्यसभा चुनाव के बीच सपा नेताओं की ओर से बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के विधायकों को लेकर भी दावे किए जा रहे हैं। सपा विधायक अतुल प्रधान ने दावा किया कि बीजेपी में कई विधायक नाराज हैं और उनकी ओर आ सकते हैं।वहीं सपा विधायक आरके वर्मा ने दावा किया कि एनडीए के करीब 12 विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। उनके मुताबिक कुछ विधायक सरकार से नाराज हैं और राज्यसभा चुनाव में सपा के पक्ष में मतदान कर सकते हैं। हालांकि, ये दावे फिलहाल सपा नेताओं के राजनीतिक दावे हैं और संबंधित विधायकों की ओर से ऐसी क्रॉस वोटिंग की कोई पुष्टि नहीं हुई है।सपा नेताओं की ओर से अपने संपर्क में कई विधायकों के होने का भी दावा किया गया है। इनमें ओम प्रकाश राजभर की पार्टी के विधायक, संजय निषाद की पार्टी के विधायक, जयंत चौधरी की पार्टी के विधायक और बीजेपी के कुछ विधायक बताए जा रहे हैं। सपा नेताओं का कहना है कि चुनाव की तारीख तक यह संख्या और बढ़ सकती है।अब सभी की नजरें नामांकन की आखिरी तारीख और दोनों दलों के उम्मीदवारों की अंतिम सूची पर हैं। इसके बाद 16 अक्टूबर को होने वाला मतदान तय करेगा कि विधानसभा का मौजूदा संख्या बल राज्यसभा की 10 सीटों के चुनाव में किस तरह दिखाई देता है।